रक्षाबंधन के दौरान यात्रियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने छह दिनों के लिए विशेष बस संचालन व्यवस्था की है। निगम ने 26 से 31 अगस्त तक अधिक से अधिक बसों का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस अवधि में महिलाओं को सरकार की ओर से दी गई निशुल्क बस यात्रा का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही अन्य यात्रियों के लिए भी मांग वाले मार्गों पर अतिरिक्त सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने प्रमुख बस स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों की तैनाती की है। उद्देश्य यह है कि रक्षाबंधन के दौरान यात्रियों की बढ़ी संख्या के बीच बस संचालन सुचारु रहे और यात्रियों को समय पर बसें उपलब्ध कराई जा सकें।
परिवहन निगम ने रक्षाबंधन की अवधि में बसों की उपलब्धता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है। 26 से 31 अगस्त तक छह दिनों के दौरान यात्रियों की संख्या और मांग को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त बसें चलाने की व्यवस्था की गई है।
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निगम के निर्देशों के अनुसार लखनऊ, कानपुर समेत विभिन्न प्रमुख गंतव्यों के लिए जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त सेवाएं संचालित की जाएंगी। बसों की उपलब्धता पर लगातार नजर रखने और यात्रियों की संख्या बढ़ने पर तत्काल अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी क्षेत्रीय प्रबंधकों को दी गई है।
इस व्यवस्था का दायरा सिर्फ नियमित बसों तक सीमित नहीं रखा गया है। इस अवधि में निगम की सभी अनुबंधित बसों का भी संचालन यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है।
रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं और बहनों को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से निशुल्क बस यात्रा का लाभ दिया जा रहा है। इस सुविधा के बीच परिवहन निगम ने बढ़ी यात्रियों की संख्या को संभालने के लिए अतिरिक्त बस संचालन और निगरानी की व्यवस्था की है।
निशुल्क यात्रा की सुविधा के कारण त्योहार के दौरान बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रमुख मार्गों पर सेवाएं बढ़ाने पर जोर दिया गया है। निगम ने महिला यात्रियों के साथ अन्य यात्रियों के लिए भी बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।
परिवहन निगम ने क्षेत्रीय प्रबंधकों को निर्देश दिया है कि बस स्टेशनों पर बसों की उपलब्धता की लगातार निगरानी की जाए। जहां यात्रियों की मांग अधिक हो, वहां बिना देरी के अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराई जाएं।
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि बसों में भीड़ को देखते हुए यात्रियों को बीच के स्टॉपेज से भी बस में बैठाकर उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसका उद्देश्य उपलब्ध बसों का अधिकतम उपयोग करते हुए यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाना है। बसों को निर्धारित स्टॉपेज से यात्रियों को लेने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा मार्गों की सघन जांच कराने को कहा गया है, ताकि बस संचालन व्यवस्था की निगरानी बनी रहे।
रक्षाबंधन के दौरान अधिक भीड़ की संभावना वाले कई बस स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें आनंद विहार, कौशांबी, कश्मीरी गेट, मुरादाबाद, मेरठ, बरेली, कैसरबाग, आलमबाग, चारबाग, अवध डिपो, सहारनपुर, आईएसबीटी आगरा, मसूदाबाद अलीगढ़, झकरकटी कानपुर और इटावा शामिल हैं।
इन बस स्टेशनों पर कर्मचारियों की मौजूदगी का उद्देश्य बसों के संचालन, यात्रियों की आवाजाही और उपलब्ध सेवाओं की निगरानी बनाए रखना है। परिवहन निगम के अनुसार इन व्यवस्थाओं के जरिए भीड़ वाले स्टेशनों पर संचालन को व्यवस्थित रखने और यात्रियों को समय पर बस उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
त्योहार के दौरान अधिक से अधिक बसों को सड़क पर बनाए रखने के लिए बस संचालन से जुड़े कर्मचारियों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना भी लागू की गई है। 26 से 31 अगस्त तक छह दिनों की अवधि में 1,800 किलोमीटर बस संचालन पूरा करने वाले चालक-परिचालकों को 1,200 रुपये प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा 1,800 किलोमीटर से अधिक बस संचालन करने वाले संविदा चालक-परिचालकों को अतिरिक्त किलोमीटर के लिए 55 पैसे प्रति किलोमीटर की दर से अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा। निगम की व्यवस्था में इस प्रोत्साहन योजना को त्योहार की अवधि में अधिकतम बस संचालन सुनिश्चित करने के उपाय के रूप में शामिल किया गया है।
रक्षाबंधन के दौरान यात्रियों की आवाजाही वाले प्रमुख मार्गों पर बसों की उपलब्धता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। निगम ने लखनऊ, कानपुर और अन्य प्रमुख गंतव्यों की ओर जाने वाले मार्गों पर यात्रियों की उपलब्धता के आधार पर अतिरिक्त सेवाएं चलाने की व्यवस्था की है।
बसों की संख्या मांग के अनुसार बढ़ाने का निर्णय बस स्टेशनों और मार्गों पर उपलब्ध यात्रियों की संख्या के आधार पर लिया जाएगा। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
त्योहार के दौरान परिवहन क्षमता बढ़ाने के लिए निगम की अनुबंधित बसों का भी संचालन किया जा रहा है। इन बसों का उपयोग महिलाओं और अन्य यात्रियों के लिए उपलब्ध परिवहन सेवाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। निगम ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से बस संचालन को प्राथमिकता देने तथा यात्रियों की जरूरत के अनुसार सेवाएं उपलब्ध कराने को कहा है।
रक्षाबंधन की अवधि में प्रमुख बस स्टेशनों पर पर्यवेक्षकों की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है। यात्रियों की संख्या, बसों की उपलब्धता और संचालन व्यवस्था की निगरानी के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
निगम के निर्देशों के अनुसार जहां अधिक भीड़ दिखाई देगी, वहां यात्रियों की मांग के आधार पर तत्काल बसें बढ़ाई जाएंगी। इस दौरान बसों के संचालन और यात्रियों की सुविधा पर लगातार निगरानी बनाए रखने की व्यवस्था की गई है।
रक्षाबंधन पर यात्रा करने वाले यात्रियों की बढ़ी संख्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने नियमित सेवाओं के साथ अतिरिक्त बसों के संचालन की व्यवस्था की है। महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा सुविधा और अन्य यात्रियों के लिए अतिरिक्त बस सेवा को ध्यान में रखते हुए 26 से 31 अगस्त तक विशेष संचालन व्यवस्था लागू रहेगी।
प्रमुख बस स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती, मांग के अनुसार बसों की संख्या बढ़ाने और मार्गों की जांच जैसे कदमों के जरिए इस अवधि में बस संचालन को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए हैं।