उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में पेयजल योजनाओं से जुड़े कामों के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की स्थिति को लेकर राज्य सरकार ने विशेष अभियान की तैयारी की है। इस दौरान सड़क मरम्मत के काम की निगरानी के लिए ग्रामीणों की भागीदारी को भी जोड़ा गया है। इसके लिए डिजिटल माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क की स्थिति और मरम्मत कार्य से संबंधित जानकारी सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इसके तहत नागरिक मौके से फोटो और वीडियो भेजकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। अभियान की समयसीमा और शिकायतों पर जवाबदेही को लेकर अधिकारियों को भी निर्देश जारी किए गए हैं।
राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों की उन सड़कों की मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जो पेयजल योजनाओं के लिए पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 1 अक्टूबर से 10 नवंबर 2026 तक विशेष सड़क मरम्मत अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत संबंधित अधिकारियों को सड़कों को निर्धारित मानकों के अनुरूप दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क बहाली के काम की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य पेयजल योजनाओं के निर्माण कार्य के दौरान प्रभावित हुई सड़कों की मरम्मत को निर्धारित अवधि में पूरा कराना है।
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सड़क मरम्मत अभियान में ग्रामीणों के लिए जल सारथी ऐप पर विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यदि किसी सड़क की स्थिति खराब है या मरम्मत से जुड़ा काम पूरा नहीं हुआ है, तो नागरिक मौके की फोटो और वीडियो अपलोड कर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इस डिजिटल व्यवस्था के जरिए सड़क से संबंधित शिकायतों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की सुविधा दी गई है। प्राप्त शिकायतों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे ग्रामीणों को सड़क की स्थिति की जानकारी फोटो और वीडियो के माध्यम से दर्ज कराने का माध्यम मिलेगा। शिकायतों की निगरानी भी डिजिटल तरीके से की जा सकेगी।
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सोमवार को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न पेयजल योजनाओं की मंडलवार समीक्षा की। समीक्षा के दौरान पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत का मुद्दा भी शामिल रहा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ऐसी सड़कों को अभियान के दौरान प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित मानकों के अनुसार दुरुस्त कराया जाए। इसके साथ ही मरम्मत कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए, ताकि अभियान के दौरान किए जा रहे कार्यों की स्थिति पर नजर रखी जा सके।
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सड़क मरम्मत अभियान की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद मिलने वाली शिकायतों को लेकर भी जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था बताई गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 10 नवंबर के बाद सड़क मरम्मत से संबंधित शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसी के साथ जिम्मेदार अभियंता की जवाबदेही भी तय की जाएगी। बैठक में अधिकारियों को पेयजल योजनाओं के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए। सड़क मरम्मत कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा कराने पर जोर दिया गया।
समीक्षा बैठक में उन गांवों में लंबित पेयजल कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश भी दिए गए, जहां अभी पेयजल सुविधा नहीं पहुंची है। अधिकारियों से योजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। इसके अलावा लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों को भी सख्त चेतावनी दी गई।पेयजल योजनाओं से जुड़े निर्माण कार्यों के दौरान सड़क और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए सड़क बहाली के काम को भी अभियान का हिस्सा बनाया गया है।
इस अभियान में सड़क मरम्मत से संबंधित शिकायतों को डिजिटल माध्यम से दर्ज कराने की व्यवस्था एक प्रमुख हिस्सा है। ग्रामीण मौके की स्थिति की फोटो और वीडियो उपलब्ध कराकर शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा आवश्यक कार्रवाई किए जाने की व्यवस्था बताई गई है। इससे सड़क मरम्मत से जुड़े मामलों की जानकारी विभागीय स्तर तक पहुंचाने के लिए एक अतिरिक्त माध्यम उपलब्ध होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए कई स्थानों पर सड़कों की खुदाई की जाती है। ऐसे कार्यों के बाद सड़क को पूर्व स्थिति में लाना संबंधित कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से चलाए जा रहे इस विशेष अभियान में इसी तरह की सड़क मरम्मत को प्राथमिकता दी जाएगी। अभियान के लिए 1 अक्टूबर से 10 नवंबर 2026 तक की अवधि तय की गई है। सड़क की स्थिति को लेकर ग्रामीणों को फोटो और वीडियो के साथ शिकायत दर्ज कराने की सुविधा दिए जाने से विभाग को मौके की जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।
मंडलवार समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में पेयजल योजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों, गुणवत्ता और समयबद्धता से जुड़े निर्देश दिए गए। साथ ही पाइपलाइन बिछाने के दौरान प्रभावित सड़कों की मरम्मत को अभियान के तहत पूरा कराने पर जोर दिया गया।