यूपी में युवाओं को मिला सड़क सुरक्षा का जिम्मा

26 Aug 2025


>भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) ने युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय के सहयोग से एक महत्वाकांक्षी योजना ‘सड़क सुरक्षा मित्र (एस एस एम)’ की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य है—युवाओं को सड़क-सुरक्षा से जोड़कर दुर्घटनाओं और मृत्युदर को न्यूनतम स्तर तक लाना।


>पहले चरण में देशभर के 100 जिलों में इस पहल का क्रियान्वयन किया जाएगा, जिसमें उत्तर प्रदेश के 28 जिलों का चयन किया गया है। परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर समयबद्ध कार्यक्रम लागू करने, MYBharat प्लेटफ़ॉर्म पर युवाओं की ऑनबोर्डिंग और जिला सड़क सुरक्षा समिति (DRSC) के माध्यम से नोडल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।


>इस योजना के तहत 18–28 वर्ष आयु वर्ग के उन युवाओं को स्वयंसेवक बनाया जाएगा, जिनके खिलाफ कोई यातायात चालान लंबित नहीं है।


>इनकी प्रमुख भूमिकाएँ होंगी—क्रैश-सीन मैनेजमेंट, ब्लैक-स्पॉट अध्ययन, रोड सेफ़्टी ऑडिट, जागरूकता अभियान और डेटा आधारित रिपोर्टिंग। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को सम्मान व प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।


>कार्यक्रम की देखरेख जिला सड़क सुरक्षा समिति (डीआरडीसी) करेगी, जिसका गठन मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 215B के तहत किया गया है। मोर्थ के रोडमैप के अनुसार हर जिले में DM की अध्यक्षता में ऑनबोर्डिंग से लेकर फील्ड एंगेजमेंट तक 12 चरण (T1–T12) निर्धारित किए गए हैं।