उत्तर प्रदेश में शास्त्रीय संगीत, नृत्य और सुगम गायन की प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। अब अकादमी संभागीय शास्त्रीय एवं सुगम संगीत प्रतियोगिताओं के विजेताओं को एक वर्ष तक ₹3,000 प्रति माह की छात्रवृत्ति प्रदान करेगी।
यह सुविधा बाल, किशोर और युवा तीनों वर्गों के विजेताओं को दी जाएगी, जिससे उभरते कलाकारों को प्रशिक्षण और अभ्यास के लिए आर्थिक मजबूती मिलेगी। अकादमी की कार्यसमिति की अगली बैठक में इस प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दी जाएगी।
प्रतियोगिताएँ कुल 11 शास्त्रीय और सुगम विधाओं में आयोजित होती हैं, जिनमें शामिल हैं:-
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खयाल-तराना
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ध्रुपद-धमार
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ठुमरी-दादरा
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कथक
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स्वर और तंत्र वाद्य
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गज वाद्य
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सुषिर वाद्य
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तबला-पखावज
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भजन एवं ग़ज़ल
बाल वर्ग (8–14 वर्ष), किशोर वर्ग (14–20 वर्ष) और युवा वर्ग (20–25 वर्ष) के विजेताओं को यह छात्रवृत्ति दी जाएगी।
अकादमी निदेशक डॉ. शोभित कुमार नाहर के अनुसार, इस वर्ष संभागीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है।
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वाराणसी में जहां पिछले वर्ष 50 से भी कम प्रतिभागी थे, वहीं इस बार 125 कलाकारों ने मंच पर अपनी कला दिखाई।
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कुल 304 संभागीय विजेता अब दिसंबर में लखनऊ में आयोजित होने वाली प्रादेशिक प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे।
यह पहली बार है जब प्रादेशिक स्तर पर 300 से अधिक कलाकार शामिल हो रहे हैं—जो संगीत और नृत्य के प्रति युवाओं की बढ़ती दिलचस्पी का प्रमाण है।