स्कूल छोड़ चुके बच्चों को फिर पढ़ाई से जोड़ने के लिए यूपी सरकार की नई तैयारी

30 Jun 2026

लखनऊ, 30 जून। स्कूल छोड़ चुके और किसी कारणवश विद्यालय से बाहर रह गए बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार 1 जुलाई से राज्यव्यापी विशेष नामांकन अभियान शुरू करने जा रही है। स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण के तहत 15 जुलाई तक प्रदेश के सभी विकास खंडों में घर-घर सर्वे, जनजागरूकता कार्यक्रम और विशेष नामांकन गतिविधियां चलाई जाएंगी। अभियान के संचालन के लिए सरकार ने ₹163.60 लाख की वित्तीय सीमा भी जारी कर दी है।

शिक्षा विभाग के अनुसार अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों की पहचान करना है, जो अभी तक विद्यालय में नामांकित नहीं हैं या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। इन बच्चों का प्राथमिकता के आधार पर पुनः नामांकन कराया जाएगा और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों से लगातार संपर्क भी किया जाएगा।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों, जिला समन्वयकों (समेकित शिक्षा) तथा खंड शिक्षा अधिकारियों को अभियान का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों, नगर निकायों, विद्यालय प्रबंधन समितियों, स्वयं सहायता समूहों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि प्रत्येक पात्र बच्चे तक विद्यालय की पहुंच बनाई जा सके।

यह खबर भी पढ़े - यूपीटीईटी 2026 देने वाले सेवारत शिक्षकों को बड़ी राहत, परीक्षा वाले दिन मिलेगी विशेष छुट्टी

अभियान के दौरान गांवों और शहरी वार्डों में सर्वे कर ऐसे बच्चों की सूची तैयार की जाएगी जो स्कूल से बाहर हैं। स्थानीय अभिलेखों और घर-घर संपर्क अभियान की मदद से उनकी पहचान की जाएगी। इसके बाद संबंधित बच्चों का निकटतम सरकारी विद्यालय में नामांकन कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

शिक्षा विभाग ने विशेष रूप से ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा विद्यालय से जोड़ने और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। इसके लिए अभिभावकों से संवाद स्थापित करने और स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की भी योजना बनाई गई है.

विशेष नामांकन अभियान के तहत प्रभात फेरियां, नामांकन रैलियां, घर-घर संपर्क अभियान, ग्राम सभाएं, अभिभावक बैठकें, विद्यालय प्रवेशोत्सव, विशेष नामांकन शिविर और अन्य जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों का उद्देश्य शिक्षा के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाना और प्रत्येक पात्र बच्चे को विद्यालय तक पहुंचाना है।

राज्य सरकार द्वारा जारी ₹163.60 लाख की वित्तीय सीमा का उपयोग रैलियों, प्रचार सामग्री, बैनर, पोस्टर, फ्लेक्स, सामुदायिक बैठकों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रवेशोत्सव और अन्य अनुमन्य गतिविधियों के संचालन में किया जाएगा। शासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि धनराशि का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से किया जाए।

प्रदेश में पहले से संचालित निपुण भारत मिशन, विद्यालय कायाकल्प, बालवाटिका, शिक्षक क्षमता संवर्धन और अधिगम गुणवत्ता सुधार जैसे कार्यक्रमों के साथ स्कूल चलो अभियान का दूसरा चरण भी जुड़ा हुआ है। इस अभियान का उद्देश्य नए शैक्षिक सत्र 2026-27 में अधिक से अधिक बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित करना और शिक्षा से वंचित बच्चों को फिर से मुख्यधारा से जोड़ना है।