यूपी में 17 सितंबर से शुरू होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’, एक महीने चलेंगे कार्यक्रम

10 Sep 2026

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और प्रशासनिक नेतृत्व के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी और प्रदेश सरकार की ओर से ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित करने की तैयारी है। प्रस्तावित अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेशभर में चलाया जाएगा। इस दौरान सेवा, जनकल्याण, स्वच्छता और जनभागीदारी से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है।

अभियान की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की उपस्थिति में बैठक कर प्रस्तावित कार्यक्रमों और इसकी रूपरेखा की समीक्षा की। बैठक में अभियान को उत्तर प्रदेश के सभी जिलों तक पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।

‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत 17 सितंबर से करने की योजना है। 17 सितंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिन है। इसके बाद 17 अक्टूबर तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सेवा और जनकल्याण से संबंधित गतिविधियां आयोजित करने की तैयारी है।

यह खबर भी पढ़े - क्लास के विवाद के बाद छात्र को घेरा, पिस्टल दिखाकर अगवा करने की कोशिश का आरोप

अभियान को लेकर भाजपा संगठन और प्रदेश सरकार, दोनों स्तरों पर कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर संचालित करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। जिलों और संगठनात्मक इकाइयों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दिए जाने की प्रक्रिया आने वाले दिनों में आगे बढ़ सकती है। प्रस्तावित अभियान के तहत रक्तदान शिविर और स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने की तैयारी है। इसके अलावा स्वच्छता से जुड़े कार्यक्रम भी अभियान का हिस्सा होंगे।

जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों को जोड़ने के लिए भी अलग-अलग स्तर पर गतिविधियां आयोजित किए जाने की योजना है। इसके जरिए समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाने और उन्हें सेवा से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेने के लिए जोड़ने पर जोर रहेगा।

अभियान की रूपरेखा में सेवा गतिविधियों के साथ जनभागीदारी को भी प्रमुख स्थान दिया गया है। इसके तहत स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। भाजपा इस अभियान को केवल प्रदेश या जिला स्तर के कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रखना चाहती। संगठन की योजना इसे बूथ, मंडल और गांव स्तर तक पहुंचाने की है।

इसके लिए पार्टी संगठन की स्थानीय इकाइयों के स्तर पर भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाने की तैयारी है। युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों और समाज के अलग-अलग वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिए जाने की बात सामने आई है। इस व्यवस्था के तहत बड़े आयोजनों के साथ स्थानीय स्तर की सेवा गतिविधियों को भी अभियान से जोड़ा जा सकता है। हालांकि, प्रत्येक जिले और संगठनात्मक इकाई में होने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत सूची और जिम्मेदारियों का निर्धारण आगे किया जाना है।

‘सेवा संकल्प अभियान’ में सेवा कार्यों के साथ ‘विकसित भारत’ के संकल्प को भी लोगों तक पहुंचाने की तैयारी है। इसके अलावा केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी देने तथा लाभार्थियों से संवाद करने से जुड़े कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। अभियान की योजना में सरकारी योजनाओं और उनके लाभार्थियों के बीच संवाद बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग स्तरों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।

इस तरह अभियान के प्रस्तावित कार्यक्रमों में सेवा गतिविधियों के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं और सरकार की विभिन्न पहलों से संबंधित जानकारी को भी शामिल करने की तैयारी है। अभियान को लेकर हुई बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रस्तावित कार्यक्रमों और तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मौजूदगी में अभियान को प्रदेश के सभी जिलों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर चर्चा हुई।

बैठक का मुख्य फोकस अभियान की रूपरेखा, कार्यक्रमों के विस्तार और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर रहा। समीक्षा के बाद जिला स्तर और संगठनात्मक स्तर पर तैयारियों को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। आने वाले दिनों में जिलों और भाजपा की विभिन्न संगठनात्मक इकाइयों को कार्यक्रमों से संबंधित जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था। इसके बाद उनका सार्वजनिक और प्रशासनिक जीवन लगातार सक्रिय रहा है। इसी अवधि के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भाजपा देशभर में सेवा और संकल्प से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से इस अवधि को विशेष रूप से चिह्नित करने की तैयारी कर रही है। उत्तर प्रदेश में इसी क्रम में ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित करने की योजना बनाई गई है।

अभियान के माध्यम से सेवा गतिविधियों, जनकल्याण और जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर संचालित करने की तैयारी है। उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित अभियान की अवधि एक महीने रखी गई है। 17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलने वाले कार्यक्रमों को प्रदेश के विभिन्न जिलों और स्थानीय संगठनात्मक इकाइयों तक ले जाने की योजना है।

अभियान में रक्तदान, स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता और जनकल्याण से संबंधित गतिविधियों के अलावा युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों और अन्य सामाजिक वर्गों की भागीदारी पर ध्यान दिया जाएगा। जिला और स्थानीय स्तर पर कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार होने के बाद इनके आयोजन की जिम्मेदारियां संबंधित इकाइयों को दी जा सकती हैं। अभियान की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के बाद संगठनात्मक स्तर पर गतिविधियां आगे बढ़ने की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही गई है।