>उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के छात्रों के लिए एक बड़ी पहल शुरू हुई है जिसके तहत अब उनकी रचनात्मकता, कल्पनाशक्ति और विचार सीधे त्रैमासिक पत्रिकाओं के रूप में प्रकाशित होंगे। प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया के तहत यह निर्णय छात्रों की अभिव्यक्ति, लेखन और आलोचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
>भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की अनुमति के बाद, प्रदेश के सभी जिलों में संपादक मंडल का गठन किया गया है। इसमें जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य अध्यक्ष होंगे, जबकि साहित्य में रुचि रखने वाले खंड शिक्षा अधिकारी, दो शिक्षक, एक डायट प्रवक्ता और एक एसआरजी सदस्य को शामिल किया गया है। साथ ही प्रत्येक जिले के पीएम श्री विद्यालयों से दो छात्र और दो छात्राओं को आमंत्रित सदस्य बनाया गया है ताकि विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
>प्रधानाचार्य प्रत्येक माह की 10 तारीख तक विद्यालयों से संकलित कविताएं, कहानियां, निबंध, पहेलियां, विज्ञान, रंगमंच, संस्कृति, खेल और पर्यावरण से जुड़ी रचनाएं संपादक मंडल को भेजेंगे। मंडल इन रचनाओं की समीक्षा कर श्रेष्ठ रचनाओं का चयन करेगा। पहली और दूसरी त्रैमासिक पत्रिकाओं के प्रकाशन के लिए ₹97.584 लाख का बजट स्वीकृत किया गया है, जो प्रदेश के 1129 कंपोजिट विद्यालयों को भेजा गया है। पत्रिका से जुड़ी सभी सामग्री जेम पोर्टल से खरीदी जाएगी और प्रकाशन दिसंबर व फरवरी में किया जाएगा।