पर्यटन को सांस्कृतिक पुनर्जागरण, रोजगार और वैश्विक पहचान से जोड़कर आगे बढ़ाएं: मुख्यमंत्री योगी

04 Jun 2026

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में पर्यटन विकास को केवल आधारभूत ढांचे तक सीमित न रखकर उसे सांस्कृतिक पुनर्जागरण, रोजगार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और वैश्विक पहचान से जोड़ने पर जोर दिया है। पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक परंपरा और ज्ञान विरासत का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए पर्यटन विकास को व्यापक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

बैठक में पर्यटन नीति, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास, ज्ञान भारतम् मिशन, नैमिषारण्य, विंध्याचल, नौसेना शौर्य वाटिका, आईएनएस गोमती शौर्य संग्रहालय और छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की गई।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को नई गति देने की क्षमता रखता है। इसके माध्यम से स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, पारंपरिक कला, क्षेत्रीय खानपान, संस्कृति और सेवा क्षेत्र को नए अवसर मिलेंगे।  उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटन विकास योजनाओं को इस प्रकार तैयार किया जाए कि प्रदेश में निवेश आकर्षित हो, रोजगार के अवसर बढ़ें और पर्यटकों को विशिष्ट अनुभव प्राप्त हो।

 

पर्यटन नीति-2022 में प्रस्तावित संशोधनों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कई नई अवधारणाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक में निम्न परियोजनाओं और अवधारणाओं पर विशेष चर्चा हुई:

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पर्यटन नीति अनुभव आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित करने वाली होनी चाहिए, जिससे देश-विदेश के पर्यटक उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को करीब से समझ सकें।