मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में भारत निर्वाचन आयोग का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार से उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर रहेगा। इस दौरान जमीनी स्तर पर चुनावी प्रक्रिया को मजबूत करने, चुनावी साक्षरता को बढ़ावा देने और बूथ लेवल अधिकारियों के साथ संवाद पर ध्यान दिया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर मनीष गर्ग, डायरेक्टर जनरल (मीडिया) आशीष गोयल, डायरेक्टर जनरल (आईटी) डॉ. सीमा खन्ना और आयोग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
दौरे के दौरान लखनऊ में छात्रों के साथ संवाद, ईएलसी 2.0 और ईसीआईनेट पर क्षेत्रीय सम्मेलन तथा बूथ स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों के साथ सीधी बातचीत के कार्यक्रम निर्धारित हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर से शनिवार को जारी बयान के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सोमवार को कॉल्विन तालुकदार कॉलेज के अवध ऑडिटोरियम में छात्रों के साथ एक इंटरैक्टिव सेशन में हिस्सा लेंगे।
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बयान के मुताबिक ज्ञानेश कुमार की शुरुआती पढ़ाई इसी संस्थान में हुई थी। छात्रों के साथ होने वाला यह कार्यक्रम चुनाव प्रक्रिया और उससे जुड़े विषयों को लेकर संवाद का हिस्सा होगा।
इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर हॉल में ईएलसी 2.0 और ईसीआईनेट पर आयोजित एक दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे।
लखनऊ में होने वाले सम्मेलन के पहले चरण में उत्तर प्रदेश के 20 जिलों के अधिकारी शामिल होंगे। इनमें डिप्टी जिला चुनाव अधिकारी, जिला स्कूल इंस्पेक्टर और मीडिया नोडल अधिकारी शामिल हैं।
इस चरण में शामिल जिलों की सूची में शाहजहांपुर, अयोध्या, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अमेठी, गोंडा, बहराइच, मैनपुरी, कानपुर नगर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा, कन्नौज, प्रतापगढ़, लखनऊ, हरदोई, खीरी, रायबरेली, सीतापुर और उन्नाव शामिल हैं। क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्देश्य चुनावी साक्षरता और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अधिकारियों तथा प्रतिभागियों के बीच संवाद को बढ़ावा देना है।
भारत निर्वाचन आयोग ने 2018 में व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता कार्यक्रम के तहत चुनावी साक्षरता क्लब यानी ईएलसी शुरू किए थे। इन क्लबों का उद्देश्य छात्रों और युवा नागरिकों को लोकतांत्रिक मूल्यों, चुनाव प्रक्रिया तथा चुनाव आयोग की भूमिका और कामकाज से परिचित कराना था।
बदलते सूचना और संचार वातावरण तथा युवाओं की बढ़ती डिजिटल भागीदारी को देखते हुए ईएलसी कार्यक्रम को अब ईएलसी 2.0 के तौर पर नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में चुनावी साक्षरता क्लबों को ऐसे मंच के रूप में विकसित करने की योजना है, जो पूरे वर्ष सक्रिय रहें।
क्षेत्रीय सम्मेलन को अनुभव-आधारित और भागीदारी वाला बनाने के लिए तीन स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों पर प्रतिभागियों को लाइव डेमो के जरिए चुनाव प्रक्रिया के अलग-अलग हिस्सों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इनमें मतदाता पंजीकरण, मतदान प्रक्रिया और मतगणना की प्रक्रिया से जुड़े पहलू शामिल हैं।
इस व्यवस्था के जरिए प्रतिभागियों को चुनाव से जुड़ी प्रक्रियाओं को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम का फोकस चुनावी साक्षरता को केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित रखने के बजाय उसे अनुभव और सहभागिता से जोड़ने पर है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार 25 अगस्त को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में करीब 500 बूथ लेवल अधिकारियों के साथ सीधी बातचीत करेंगे। बूथ लेवल अधिकारी चुनाव प्रक्रिया में जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके साथ प्रस्तावित संवाद दौरे के उन कार्यक्रमों में शामिल है, जिनका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को स्थानीय स्तर पर मजबूत करना और क्षेत्रीय स्तर पर काम से जुड़ी जानकारी साझा करना है। इस कार्यक्रम में बूथ स्तर पर चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के साथ सीधे संवाद पर ध्यान रहेगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिन्वा के अनुसार, यह कार्यक्रम छात्रों और भविष्य के मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया की व्यावहारिक समझ हासिल करने का अवसर देगा। उनका यह बयान विशेष रूप से चुनावी साक्षरता और युवा मतदाताओं की भागीदारी से जुड़े कार्यक्रम के संदर्भ में है।
दौरे के दौरान छात्रों, चुनाव अधिकारियों, स्कूल शिक्षा से जुड़े अधिकारियों, मीडिया नोडल अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों को अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए जोड़ा जाएगा।
ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में होने वाले दो दिवसीय दौरे का कार्यक्रम केवल अधिकारियों की बैठक तक सीमित नहीं है। इसमें शैक्षणिक संस्थान के छात्रों के साथ संवाद, चुनावी साक्षरता से जुड़े कार्यक्रम और बूथ स्तर के अधिकारियों के साथ सीधी बातचीत शामिल है।
लखनऊ में होने वाले क्षेत्रीय सम्मेलन में 20 जिलों के अधिकारियों की भागीदारी निर्धारित की गई है। इसके अलावा 25 अगस्त को लगभग 500 बूथ लेवल अधिकारियों के साथ बातचीत का कार्यक्रम रखा गया है। ईएलसी 2.0 और ईसीआईनेट पर सम्मेलन के साथ चुनावी प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों को लाइव डेमो के माध्यम से समझाने की व्यवस्था भी की गई है।