सुरक्षा से आत्मनिर्भरता तक: यूपी में बदल रही बेटियों की तस्वीर

07 Mar 2026

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता की बदलती तस्वीर सामने आई है। बीते वर्षों में लागू विभिन्न योजनाओं और अभियानों के माध्यम से यूपी में महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में व्यापक पहलें की गई हैं। सुरक्षा, शिक्षा, कौशल विकास और आर्थिक भागीदारी से जुड़ी नीतियों ने महिलाओं के लिए नए अवसर उपलब्ध कराए हैं।

महिलाओं की सुरक्षा के उद्देश्य से वर्ष 2020 में मिशन शक्ति अभियान शुरू किया गया। इसके तहत यूपी में 1694 एंटी रोमियो स्क्वायड सक्रिय हैं। इन टीमों ने अब तक 1 करोड़ 18 लाख से अधिक सार्वजनिक स्थलों की जांच की और 4 करोड़ 52 लाख से अधिक व्यक्तियों की जांच की। इस दौरान 24,871 अभियोग दर्ज किए गए और 33,268 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।

सेफ सिटी योजना के अंतर्गत 17 नगर निगमों और गौतम बुद्ध नगर में लगभग 7,95,699 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं तथा 4,150 हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 44,177 महिला पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई और सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। महिला हेल्पलाइन 1090 और आपातकालीन सेवा 112 के एकीकरण से त्वरित सहायता की व्यवस्था की गई है।

 

महिलाओं की शिक्षा और कौशल विकास के लिए उत्तर प्रदेश स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत आईटी, हेल्थकेयर, फैशन डिजाइनिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्यूटी एंड वेलनेस और रिटेल सहित लगभग 35 क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में डिजिटल स्किल और व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

प्रदेश में महिला श्रम भागीदारी दर में भी वृद्धि दर्ज की गई है, जो 13 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत तक पहुंची है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 9.11 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 99 लाख से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया है।

 

सरकारी योजनाओं के अंतर्गत मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से 26.78 लाख और निराश्रित महिला पेंशन योजना से 38.58 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिला है। वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से 2.39 लाख महिलाओं को सहायता प्रदान की गई है। प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और आर्थिक भागीदारी से जुड़ी पहलों के माध्यम से महिला सशक्तीकरण को आगे बढ़ाने के प्रयास जारी हैं।