आपदा सुरक्षा को लेकर योगी सरकार ने उठाया बड़ा कदम

12 Nov 2025


>उत्तर प्रदेश सरकार आपदा सुरक्षा और त्वरित राहत व्यवस्था को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वाराणसी में संयुक्त निदेशक, अग्निशमन प्रक्षेत्र की नियुक्ति की मंजूरी दे दी गई है। यह कदम न केवल वाराणसी बल्कि पूर्वांचल के 10 जिलों में आपात स्थितियों से निपटने की क्षमता को कई गुना बढ़ाने वाला है।


>सरकार ने UP अग्निशमन एवं आपात सेवा नियमावली 2024 के अंतर्गत इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की है। इसके तहत एक विशेष रूप से प्रशिक्षित रेस्क्यू ग्रुप तैयार किया जाएगा, जो किसी भी संकट की घड़ी में फर्स्ट रिस्पांडर टीम के रूप में कार्य करेगा। टीम को अत्याधुनिक उपकरण और आधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया जाएगा।


>वाराणसी जैसे धार्मिक और पर्यटन केंद्र में प्रतिदिन लाखों लोग मौजूद रहते हैं। यहाँ आयोजन, यातायात और ऐतिहासिक इमारतों की अधिकता के चलते आपदा प्रबंधन का मजबूत ढांचा अत्यावश्यक है।


>रेस्क्यू ग्रुप की टीम में होंगे:


>ये जवान आगजनी, गैस-रासायनिक दुर्घटना, बाढ़, भवन दुर्घटना और अन्य आपात स्थितियों में तेजी से राहत-बचाव कार्य करेंगे। नवगठित अग्निशमन प्रक्षेत्र के संयुक्त निदेशक कई जनपदों की प्रत्यक्ष निगरानी करेंगे जिसमे वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, आजमगढ़, मऊ, बलिया, मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र शामिल है इन जिलों में आपात स्थिति होने पर तुरंत रेस्क्यू फोर्स तैनात होगी।


>संयुक्त निदेशक का पद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के समकक्ष होगा। अभी तक यह कार्य मुख्य अग्निशमन अधिकारी स्तर से संचालित होता था। लेकिन अब नए ढांचे में निर्णय क्षमता बढ़ेगी, प्रतिक्रिया समय घटेगा इसके साथ ही ग्राउंड-एक्शन और कमान भी मजबूत होगी मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने कहा कि प्रशिक्षित रेस्क्यू ग्रुप पूर्वांचल में आपदा राहत को नई गति देगा।


>योगी सरकार काशी को सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र ही नहीं, बल्कि आधुनिक सुरक्षा-प्रबंधन मॉडल के रूप में भी विकसित कर रही है। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि यूपी में विकास अब अवसंरचना, सुरक्षा, तकनीक और आपदा प्रबंधन चारों स्तंभों पर आगे बढ़ रहा है।