पेपर लीक विवाद के बाद राजस्थान SI री-एग्जाम, UPSSSC परीक्षा में भी कड़ी सुरक्षा

20 Sep 2026

उत्तर प्रदेश में आबकारी सिपाही भर्ती परीक्षा और राजस्थान में सब इंस्पेक्टर भर्ती-2021 की पुनर्परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी बढ़ाई गई। परीक्षा को व्यवस्थित तरीके से कराने के लिए केंद्रों पर पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई और परीक्षा प्रक्रिया पर निगरानी रखी गई।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों राज्यों में भर्ती परीक्षाओं के आयोजन के दौरान सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन के बीच समन्वय पर जोर दिया गया। परीक्षा केंद्रों पर किसी भी तरह की अनियमितता को रोकने तथा भर्ती प्रक्रिया को निर्धारित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए व्यवस्थाएं की गईं।

राजस्थान में हुई एसआई भर्ती-2021 की पुनर्परीक्षा विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही, क्योंकि मूल परीक्षा को पिछले प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान पेपर लीक विवाद के बाद रद्द किया गया था। इसके बाद दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। वहीं उत्तर प्रदेश में भी अभ्यर्थियों की भागीदारी वाली आबकारी सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।

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भर्ती परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केंद्रों पर पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई। इसका उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना और परीक्षा प्रक्रिया को सुचारु तरीके से संचालित करना था। प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों के आसपास निगरानी रखने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय करते हुए परीक्षा से जुड़े आवागमन और अन्य व्यवस्थाओं को नियंत्रित किया गया।

भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की बड़ी संख्या को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर प्रशासनिक सतर्कता बनाए रखने की व्यवस्था की गई। परीक्षा प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की बाधा या अनुचित गतिविधि को रोकने के लिए अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों को तैनात रखा गया।

राजस्थान में सब इंस्पेक्टर भर्ती-2021 की पुनर्परीक्षा आयोजित की गई। यह वही भर्ती परीक्षा है जिसे पिछली परीक्षा प्रक्रिया के दौरान सामने आए पेपर लीक विवाद के बाद रद्द किया गया था। पुनर्परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने की जानकारी दी गई। परीक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और निगरानी के इंतजाम किए गए।

पुनर्परीक्षा के दौरान प्रशासनिक स्तर पर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि परीक्षा प्रक्रिया निर्धारित व्यवस्थाओं के अनुसार पूरी हो। सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर परीक्षा केंद्रों और अभ्यर्थियों से जुड़े आवागमन पर भी निगरानी रखी गई। राजस्थान में इस पुनर्परीक्षा का संदर्भ वर्ष 2021 की सब इंस्पेक्टर भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मूल परीक्षा को रद्द किए जाने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा में शामिल होना पड़ा।

राजस्थान एसआई भर्ती परीक्षा-2021 पहले पेपर लीक विवाद के कारण चर्चा में आई थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पिछली प्रशासनिक अवधि के दौरान परीक्षा को रद्द किया गया था। इसके बाद पुनर्परीक्षा की प्रक्रिया शुरू की गई। पुनर्परीक्षा के आयोजन के दौरान प्रशासनिक निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने पर विशेष ध्यान दिया गया। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की मौजूदगी के साथ परीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की निगरानी की गई।

पुनर्परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने और परीक्षा प्रक्रिया में भाग लेने की व्यवस्था की गई। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय का उद्देश्य परीक्षा को बिना किसी बड़ी बाधा के पूरा कराना रहा। उत्तर प्रदेश में भी आबकारी सिपाही भर्ती परीक्षा का आयोजन सुरक्षा व्यवस्था के बीच किया गया। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस कर्मियों की तैनाती के साथ प्रशासनिक निगरानी रखी गई।

अधिकारियों की ओर से परीक्षा प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय किया गया। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की आवाजाही और परीक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने पर ध्यान दिया गया। भर्ती परीक्षाओं के आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का एक प्रमुख उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन बनाए रखना और किसी भी तरह की अनियमितता की आशंका को कम करना रहा।

इसी बीच, उत्तर प्रदेश में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से अपनी मांगें भी उठाई गई हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सितंबर में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से जुड़ी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से बातचीत के दौरान कहा था कि सरकार युवाओं के साथ खड़ी है और उनकी चिंताओं का समाधान किया जाएगा। यह प्रतिक्रिया लखनऊ में उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के एकत्र होने के बाद सामने आई थी। अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की वन रक्षक भर्ती-2023 और अन्य लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

अभ्यर्थियों की अलग-अलग मांगों में विभिन्न पदों की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए। कुछ अभ्यर्थी परीक्षा परिणाम जारी करने की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ नियुक्ति पत्र जारी किए जाने को लेकर अपनी मांग रख रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा के लिए निर्धारित आयु सीमा से जुड़े मुद्दे उठाए हैं। वहीं कुछ उम्मीदवार संबंधित भर्तियों के परिणाम और नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

एक समूह ने मेडिकल परीक्षा के परिणाम जारी करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा तकनीकी भर्ती और संबंधित पदों पर भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे भी अभ्यर्थियों की ओर से रखे गए। अभ्यर्थियों ने स्वास्थ्य विभाग से हटाए गए सुरक्षा गार्डों के मुद्दे का भी उल्लेख किया। विभिन्न पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों ने संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें रखने की बात कही।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने अभ्यर्थियों से कहा कि सरकार युवाओं के साथ खड़ी है और उनकी चिंताओं को सुना जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को अभ्यर्थियों की समस्याओं और मांगों पर ध्यान देने के निर्देश दिए।

इस दौरान अभ्यर्थियों की ओर से भर्ती प्रक्रिया में देरी और अन्य लंबित मुद्दों को लेकर अपनी मांगें रखी गईं। सरकार की ओर से संबंधित मामलों पर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई। यह घटनाक्रम उत्तर प्रदेश में विभिन्न सरकारी भर्तियों को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों के बीच सामने आया।

उत्तर प्रदेश में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं के बीच 69 हजार शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों का मुद्दा भी सामने आया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अभ्यर्थियों के एक समूह ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के लखनऊ स्थित आवास के बाहर पहुंचकर अपनी मांगें रखीं।

अभ्यर्थियों ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं और सरकार से मामले में आगे की कार्रवाई की मांग की। उनके प्रतिनिधिमंडल की ओर से भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विषयों पर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया गया। इस दौरान अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और आगे की कार्रवाई से जुड़े मुद्दे उठाए।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की एक अन्य भर्ती परीक्षा, जो पिछली सरकारी अवधि के दौरान पेपर लीक के कारण रद्द की गई थी, की पुनर्परीक्षा भी निर्धारित केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। इस परीक्षा में बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल होने वाले हैं। परीक्षा को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था की गई है। इस तरह उत्तर प्रदेश और राजस्थान में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के आयोजन के दौरान सुरक्षा, प्रशासनिक निगरानी और परीक्षा प्रक्रिया को निर्धारित तरीके से संचालित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।