उत्तर प्रदेश में 4,104.82 करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार ने औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत आठ बड़ी परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ कम्फर्ट यानी एलओसी जारी करने को मंजूरी दी है। यह निर्णय मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति की बैठक में लिया गया।
स्वीकृत प्रस्ताव राज्य के अलग-अलग जिलों से जुड़े हैं। इनमें विनिर्माण, सीमेंट, फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य प्रसंस्करण, वायर एवं इलेक्ट्रिकल उत्पाद, डेयरी और सौर ऊर्जा क्षेत्र की परियोजनाएं शामिल हैं। प्रस्तावित आठ परियोजनाओं में सबसे अधिक 992.38 करोड़ रुपये का निवेश एल्पेक्स सोलर लिमिटेड की मथुरा परियोजना में किया जाना है।
राज्य में औद्योगिक निवेश से जुड़े प्रस्तावों पर निर्णय लेने के लिए औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव एसपी गोयल ने की।
बैठक में कुल 4,104.82 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इन परियोजनाओं के लिए ऑनलाइन इंसेंटिव मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल के माध्यम से मूल्यांकन समिति की संस्तुति पहले ही प्राप्त हो चुकी थी। इसके बाद उच्च स्तरीय समिति के समक्ष प्रस्ताव रखे गए और एलओसी जारी करने की मंजूरी दी गई।
स्वीकृत परियोजनाओं में मेगा और सुपर मेगा श्रेणी की इकाइयां शामिल हैं। इससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े प्रस्तावों को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
स्वीकृत आठ परियोजनाएं उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में स्थापित की जानी हैं। निवेश प्रस्तावों का विवरण इस प्रकार है: एपीएल अपोलो ट्यूब्स लिमिटेड गोरखपुर में 320 करोड़ रुपये की इकाई स्थापित करेगी।
टेरेस्ट्रियल फूड प्रोसेसर्स प्राइवेट लिमिटेड अमरोहा में 277.30 करोड़ रुपये की परियोजना लगाएगी। अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड की ललितपुर परियोजना के लिए 738 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी मिली है। शुक्र फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड गौतमबुद्धनगर में 587.50 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
गुडलक इंडिया लिमिटेड बुलंदशहर में 268.67 करोड़ रुपये की परियोजना लगाएगी। जीके वाइंडिंग्स वायर्स लिमिटेड हाथरस में 381.14 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
बनासकांठा डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स लिमिटेड बागपत में 539.83 करोड़ रुपये की परियोजना लगाएगी। एल्पेक्स सोलर लिमिटेड मथुरा में 992.38 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इन आठों परियोजनाओं का कुल प्रस्तावित निवेश 4,104.82 करोड़ रुपये है।
स्वीकृत परियोजनाएं कई अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी हैं। इससे निवेश का दायरा केवल किसी एक उद्योग तक सीमित नहीं है। गोरखपुर में प्रस्तावित एपीएल अपोलो ट्यूब्स की परियोजना और हाथरस में जीके वाइंडिंग्स वायर्स की इकाई विनिर्माण तथा वायर से जुड़े औद्योगिक क्षेत्र से संबंधित हैं।
ललितपुर में अल्ट्राटेक सीमेंट की परियोजना सीमेंट क्षेत्र से जुड़ी है, जबकि गौतमबुद्धनगर की शुक्र फार्मास्यूटिकल्स परियोजना फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र में प्रस्तावित है। अमरोहा में टेरेस्ट्रियल फूड प्रोसेसर्स की परियोजना खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की है। बागपत में बनासकांठा डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स लिमिटेड की परियोजना डेयरी क्षेत्र से संबंधित है।
मथुरा में एल्पेक्स सोलर लिमिटेड का निवेश सौर ऊर्जा क्षेत्र में प्रस्तावित है। बुलंदशहर में गुडलक इंडिया लिमिटेड की परियोजना भी स्वीकृत आठ निवेश प्रस्तावों में शामिल है।
सरकार के अनुसार इन सभी परियोजनाओं के लिए ऑनलाइन इंसेंटिव मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल के जरिए मूल्यांकन समिति की संस्तुति पहले ही प्राप्त हो चुकी थी। इसके बाद उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति की बैठक में इन्हें मंजूरी दी गई।
लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किए जाने की मंजूरी निवेश परियोजनाओं को नीति के तहत आगे बढ़ाने की प्रक्रिया का हिस्सा है। स्वीकृत प्रस्तावों को औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के प्रावधानों के अनुसार प्रोत्साहन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया इसी नीति ढांचे के तहत आगे बढ़ाई जाएगी।
आठ परियोजनाओं का भौगोलिक विस्तार भी इस निवेश पैकेज का एक प्रमुख हिस्सा है। प्रस्तावित इकाइयां पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक अलग-अलग जिलों में स्थापित की जानी हैं। गोरखपुर और ललितपुर की परियोजनाएं राज्य के अलग-अलग हिस्सों में औद्योगिक निवेश का प्रतिनिधित्व करती हैं। वहीं गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, हाथरस, बागपत, अमरोहा और मथुरा जैसे जिलों में भी अलग-अलग क्षेत्र की परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। इस तरह स्वीकृत निवेश प्रस्ताव केवल एक जिले या एक औद्योगिक क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों और उद्योगों में फैले हुए हैं।
सरकार के अनुसार इन परियोजनाओं के धरातल पर आने से प्रदेश में औद्योगिक बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। राज्य सरकार का जोर निवेश परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन और पात्र इकाइयों को नीति के अनुरूप प्रोत्साहन उपलब्ध कराने पर है। स्वीकृत परियोजनाओं के क्षेत्रों में विनिर्माण से लेकर खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, फार्मास्यूटिकल्स और सौर ऊर्जा तक अलग-अलग गतिविधियां शामिल हैं। हालांकि उपलब्ध जानकारी में इन परियोजनाओं से सृजित होने वाली प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नौकरियों की कुल संख्या का अलग से उल्लेख नहीं किया गया है।
उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति की बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार और अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में स्वीकृत निवेश प्रस्ताव औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत रखे गए थे। मूल्यांकन समिति की संस्तुति के बाद इन प्रस्तावों पर उच्च स्तरीय स्तर पर निर्णय लिया गया।
मथुरा की एल्पेक्स सोलर लिमिटेड परियोजना 992.38 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश के साथ आठ परियोजनाओं में सबसे बड़ी है। इसके बाद ललितपुर में अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड की 738 करोड़ रुपये की परियोजना और गौतमबुद्धनगर में शुक्र फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड की 587.50 करोड़ रुपये की परियोजना शामिल है।
बागपत में 539.83 करोड़ रुपये, हाथरस में 381.14 करोड़ रुपये और गोरखपुर में 320 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव स्वीकृत किए गए हैं। अमरोहा की परियोजना का निवेश 277.30 करोड़ रुपये और बुलंदशहर की परियोजना का निवेश 268.67 करोड़ रुपये है।