उत्तर प्रदेश-जापान संबंधों को नई दिशा, ग्रीन हाइड्रोजन पर सहयोग बढ़ाने की तैयारी

23 Aug 2026

उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी प्रांत के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में ग्रीन हाइड्रोजन को एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में सामने रखा गया है। यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी ने वाराणसी दौरे के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश, यामानाशी और जापान के बीच संबंधों को लंबे समय तक और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग आगे बढ़ाने की इच्छा जताई।

गवर्नर के अनुसार, प्रस्तावित सहयोग में ग्रीन हाइड्रोजन सिस्टम के माध्यम से उत्तर प्रदेश और यामानाशी प्रांत के विकास को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण पहलू शामिल है। इसके साथ ही उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा के माध्यम से विश्व शांति में योगदान देने की इच्छा भी व्यक्त की।

कोटारो नागासाकी रविवार को जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे थे। बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में उत्तर प्रदेश, यामानाशी और जापान के बीच संबंधों को और मजबूत करने की बात कही।

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यामानाशी के गवर्नर ने कहा कि उत्तर प्रदेश, यामानाशी और जापान के बीच संबंधों को लंबे समय तक मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की इच्छा है।

उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन सिस्टम को ऐसे ही एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में बताया। उनके मुताबिक, इसके माध्यम से उत्तर प्रदेश और यामानाशी प्रांत के विकास को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा सकता है।

गवर्नर ने ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े सहयोग की बात भी रखी। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा के माध्यम से विश्व शांति की स्थापना में योगदान देने की इच्छा है। उनके इस बयान में ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को व्यापक अंतरराष्ट्रीय लक्ष्य से जोड़ने की बात सामने आई।

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कोटारो नागासाकी के नेतृत्व में जापानी प्रतिनिधिमंडल के करीब 15 प्रमुख सदस्य श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे और बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन किए। मंदिर पहुंचने पर जापानी मेहमानों का रुद्राक्ष की माला और अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया गया। मंदिर न्यास के उप जिलाधिकारी शंभू शरण ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का स्वागत निर्धारित परंपरा के अनुरूप किया गया।

जापानी मेहमानों को मंदिर परिसर में देखकर वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने “हर-हर महादेव” का उद्घोष किया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने भी श्रद्धालुओं के साथ “हर-हर महादेव” का जयघोष किया। इस दौरान मंदिर परिसर में भारतीय और जापानी प्रतिनिधियों के बीच सांस्कृतिक आत्मीयता का दृश्य देखने को मिला।

जापानी प्रतिनिधिमंडल सावन के पवित्र मास में बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लेने काशी पहुंचा। इस दौरान दल के सदस्यों ने कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जापानी मेहमानों ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से भीड़ प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्था का उल्लेख किया।

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प्रतिनिधिमंडल ने बाबा विश्वनाथ धाम की आध्यात्मिक आभा का भी अनुभव किया। काशी प्रवास के दौरान दल ने धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के साथ-साथ आधुनिक विकास से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी करीब से देखा।

काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के बाद गवर्नर कोटारो नागासाकी ने काशी के धार्मिक वातावरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “यहां आकर आप सभी की ईश्वर के प्रति श्रद्धा और सम्मान की भावना स्पष्ट रूप से महसूस हुई।” उन्होंने आगे कहा, “मैंने भी यहां ईश्वर से विश्व शांति के लिए प्रार्थना की है।” गवर्नर का यह बयान वाराणसी यात्रा के धार्मिक और सांस्कृतिक पक्ष के साथ उनके द्वारा बताए गए ऊर्जा सुरक्षा और विश्व शांति के मुद्दे को जोड़ता है।

जापानी प्रतिनिधिमंडल ने वाराणसी में केवल काशी विश्वनाथ धाम का ही दौरा नहीं किया। शनिवार को दल भगवान बुद्ध की उपदेशस्थली सारनाथ पहुंचा। वहां प्रतिनिधिमंडल ने स्थल का भ्रमण किया।

इसके बाद शाम को जापानी मेहमान नमो घाट पहुंचे और गंगा आरती में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अनुभव किया। रविवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद जापानी दल वाराणसी से रवाना हो गया।

यह दौरा उत्तर प्रदेश और जापान के बीच निवेश तथा द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े व्यापक कार्यक्रम का हिस्सा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 200 से अधिक सदस्यों वाला जापानी प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश-जापान निवेश बैठक-2026 के तहत भारत आया है।

प्रतिनिधिमंडल के उत्तर प्रदेश दौरे में वाराणसी के साथ-साथ लखनऊ भी शामिल रहा। लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार और जापानी प्रतिनिधिमंडल के बीच निवेश एवं द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन समझौतों के बाद प्रतिनिधिमंडल का वाराणसी दौरा धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण रहा।

जापानी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के दौरान लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार और जापानी प्रतिनिधिमंडल के बीच निवेश तथा द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए।

इसके बाद वाराणसी में प्रतिनिधिमंडल की गतिविधियों में धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण प्रमुख रहा। सारनाथ, नमो घाट और काशी विश्वनाथ धाम की यात्रा के दौरान जापानी मेहमानों ने वाराणसी की आध्यात्मिक विरासत को करीब से देखा।

यामानाशी के गवर्नर का बयान इसी व्यापक दौरे के दौरान उत्तर प्रदेश और जापान के बीच सहयोग के भविष्य के क्षेत्रों को लेकर सामने आया है। इसमें ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा सुरक्षा और विश्व शांति का उल्लेख प्रमुख रहा।

जापानी प्रतिनिधिमंडल के कार्यक्रम में वाराणसी और सारनाथ दोनों को शामिल किया गया। सारनाथ भगवान बुद्ध की उपदेशस्थली के रूप में जाना जाता है, जबकि काशी विश्वनाथ धाम वाराणसी की प्रमुख धार्मिक पहचान का हिस्सा है। प्रतिनिधिमंडल ने इन स्थलों के भ्रमण के साथ गंगा आरती में भी हिस्सा लिया। इससे दौरे के दौरान आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव का पक्ष सामने आया।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने वाराणसी में आध्यात्मिक विरासत और आधुनिक विकास के बीच मौजूद समन्वय को भी करीब से देखा। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्थाओं का भी उन्होंने निरीक्षण किया और भीड़ प्रबंधन की सराहना की।