>उत्तराखंड के पिथौरागढ़, मुनस्यारी, धारचूला और जौलजीबी में आज दोपहर 2 बजकर 51 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, पिथौरागढ़ में भूकंप की तीव्रता 3.1 और धारचूला में 4.1 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र पिथौरागढ़ के 5 किलोमीटर की गहराई में था।
>भूकंप के अचानक आने से स्थानीय लोग सहम उठे, लेकिन फिलहाल किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। उत्तराखंड पिछले कई दिनों से भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने जैसी प्राकृतिक घटनाओं से प्रभावित रहा है। ऐसे में आज आए भूकंप ने लोगों में चिंता बढ़ा दी है।
>राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने अलर्ट जारी किया है और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी अधिकारियों को सतर्क रहने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में लोगों की सुरक्षा के लिए पूरी तत्परता से कार्य कर रही है।
>स्थानीय लोग भूकंप के झटकों के बाद सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे और अधिकारियों के निर्देशों का पालन कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप की यह हल्की तीव्रता आमतौर पर किसी बड़े नुकसान का कारण नहीं बनती, लेकिन राज्य की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए सतर्कता जरूरी है।
>उत्तराखंड में आने वाले समय में मौसम और भूस्खलन की घटनाओं पर नजर रखी जा रही है, ताकि समय रहते लोगों को सुरक्षित किया जा सके।