काशी की तंग गलियां होंगी चौड़ी! दालमंडी में विकास की दस्तक

15 Oct 2025


>काशी की ऐतिहासिक गलियों में अब विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। वाराणसी के दालमंडी रोड चौड़ीकरण प्रोजेक्ट को लेकर जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। सड़क के दोनों ओर स्थित 187 भवनों को नोटिस जारी कर भवन मालिकों से मुआवजे के लिए दस्तावेज मांगे गए हैं। प्रशासन का कहना है कि पूरा अभियान आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जाएगा ताकि किसी को नुकसान न हो और प्रोजेक्ट समय पर पूरा किया जा सके।


>वाराणसी के सबसे व्यस्त बाजारों में शामिल दालमंडी में लंबे समय से चौड़ीकरण की मांग उठ रही थी। अब पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) ने अभियान शुरू करते हुए भवन स्वामियों को नोटिस चस्पा किए हैं। नोटिस में कहा गया है कि भवन मालिक निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने दस्तावेज जमा करें ताकि उचित मुआवजा तय किया जा सके।


>प्रशासन के अनुसार, सर्किल रेट ₹44,000 प्रति वर्ग मीटर तय किया गया है। भवन मालिकों को इस दर का दोगुना यानी ₹88,000 प्रति वर्ग मीटर मुआवजा दिया जाएगा। यानी जिन लोगों की संपत्तियां चौड़ीकरण में प्रभावित होंगी, उन्हें बाजार दर से अधिक धनराशि देकर विस्थापन का समाधान किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने चौक क्षेत्र में एक अस्थायी पीडब्ल्यूडी कार्यालय भी स्थापित किया है, जहां लोग अपने दस्तावेज जमा कर सकते हैं या किसी भी शंका का समाधान पा सकते हैं।


>प्रशासन ने चौड़ीकरण के बाद दालमंडी रोड के नए लेआउट प्लान को भी जारी किया है। इस प्रोजेक्ट पर कुल ₹225 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिनमें से ₹191 करोड़ मुआवजे के लिए निर्धारित हैं।


>नया लेआउट न केवल ट्रैफिक दबाव को कम करेगा बल्कि पुरानी गलियों में आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगा।


>जिला प्रशासन का कहना है कि “हम किसी प्रकार का जबरन अधिग्रहण नहीं करेंगे। सभी भवन मालिकों को समझाया जाएगा और बैनामा प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही चौड़ीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा।” दालमंडी प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद यह इलाका पुरातनता और आधुनिकता का संगम बन जाएगा। तंग गलियों और भीड़भाड़ वाली सड़कों की जगह चौड़ी, व्यवस्थित और स्वच्छ सड़कें होंगी। स्थानीय व्यापारी वर्ग को भी उम्मीद है कि इससे बाजार की रौनक और बढ़ेगी।


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