गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर-9 में स्थित एक शराब की दुकान को लेकर स्थानीय निवासियों ने विरोध जताया है। लोगों का कहना है कि पूरी तरह रिहायशी क्षेत्र के बीच शराब की दुकान संचालित होने से आसपास रहने वाले परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निवासियों ने प्रशासन से दुकान को हटाने की मांग की है।
वसुंधरा निवासी संदीप गुप्ता का कहना है कि एक ओर सरकार नशा मुक्ति को लेकर जागरूकता अभियान चलाती है और विभिन्न स्थानों पर नशा मुक्त समाज के संदेश वाले पोस्टर लगाए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर रिहायशी इलाके के बीच शराब की दुकान संचालित होने से लोगों में असंतोष है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार जिला प्रशासन के अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि शिकायतों पर उन्हें संतोषजनक जवाब भी नहीं मिला।
निवासियों के अनुसार शराब की दुकान ऐसे क्षेत्र में स्थित है जहां आसपास स्कूल और मंदिर भी मौजूद हैं। लोगों का कहना है कि इस कारण क्षेत्र का वातावरण प्रभावित हो रहा है और परिवारों में चिंता का माहौल है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि रिहायशी क्षेत्र में इस प्रकार की दुकान होने से बच्चों और परिवारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी वजह से वे दुकान को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार शाम के समय शराब की दुकान के आसपास लोगों की संख्या बढ़ जाती है। इसके चलते क्षेत्र में वाहनों की पार्किंग की समस्या उत्पन्न हो जाती है। निवासियों का कहना है कि कई बार तेज आवाज में बहस और अभद्र भाषा का इस्तेमाल भी देखने को मिलता है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को असुविधा होती है। लोगों का आरोप है कि इससे क्षेत्र की शांति और व्यवस्था प्रभावित होती है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो क्षेत्र के लोग सामूहिक रूप से आंदोलन शुरू करने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।