मेटल सेक्टर की प्रमुख कंपनी वेदांता ने निवेशकों के लिए डिविडेंड का ऐलान किया है। कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति इक्विटी शेयर 11 रुपये के तीसरे अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है। इस घोषणा के बाद शेयर बाजार में कंपनी के स्टॉक में तेजी देखने को मिली।
स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार वेदांता लगभग 4300 करोड़ रुपये का डिविडेंड अपने शेयरधारकों को देगी। कंपनी ने डिविडेंड पाने के पात्र निवेशकों की पहचान के लिए 28 मार्च 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। इसका अर्थ है कि जिन निवेशकों के पास इस तारीख तक कंपनी के शेयर होंगे, वही इस डिविडेंड के हकदार होंगे।
रिकॉर्ड डेट से एक दिन पहले, यानी 27 मार्च को शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करेगा। इस दिन के बाद शेयर खरीदने वाले निवेशकों को इस डिविडेंड का लाभ नहीं मिलेगा। आमतौर पर रिकॉर्ड डेट के कुछ दिनों के भीतर डिविडेंड की राशि निवेशकों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है।
वेदांता लंबे समय से नियमित डिविडेंड देने वाली कंपनियों में शामिल रही है। इस ताजा घोषणा के साथ ही चालू वित्त वर्ष में कंपनी का कुल डिविडेंड 34 रुपये प्रति शेयर हो गया है। इससे पहले जून में 7 रुपये और अगस्त में 16 रुपये का डिविडेंड दिया जा चुका है।
डेटा के अनुसार कंपनी 2001 से अब तक दर्जनों बार डिविडेंड का भुगतान कर चुकी है। मौजूदा शेयर मूल्य के आधार पर कंपनी का डिविडेंड यील्ड 3.5 प्रतिशत से अधिक बताया जा रहा है, जो निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
डिविडेंड कंपनियों द्वारा अपने मुनाफे का एक हिस्सा निवेशकों के साथ साझा करने का तरीका होता है। नियमित डिविडेंड भुगतान को कंपनी की वित्तीय स्थिति और नकदी प्रवाह की मजबूती के संकेत के रूप में भी देखा जाता है।