लखनऊ, शुक्रवार: गोंडा के विनोद साहनी हत्याकांड को लेकर शुक्रवार को लखनऊ में राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां तेज हो गईं। गोंडा में गोली लगने के बाद इलाज के लिए लखनऊ लाए गए विनोद साहनी की उपचार के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत की सूचना के बाद निषाद समाज से जुड़े नेताओं और समर्थकों ने नाराजगी जताई।
निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद लखनऊ स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और वहीं धरने पर बैठ गए। उनके साथ विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी और समाजवादी पार्टी के एमएलसी राजपाल कश्यप भी धरने में शामिल हुए। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मौजूद समर्थकों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग भी उठाई गई।
विनोद साहनी की मौत के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में देरी को लेकर संजय निषाद ने नाराजगी जताई। वह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और वहीं धरने पर बैठ गए। धरने के दौरान समर्थकों की ओर से पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए गए। मौके पर “पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद”, “हत्यारों को फांसी दो” और “हत्यारों के घर बुलडोजर चलाओ” जैसे नारे सुनाई दिए। ये नारे धरने में शामिल समर्थकों की मांगों और आक्रोश को दर्शाते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, धरने में अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े नेता भी शामिल हुए।
यह खबर भी पढ़े - लखनऊ में सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन, वेतन कटौती का आरोप
धरने के दौरान संजय निषाद ने फोन पर गोंडा के एसपी से बातचीत की। उन्होंने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की और चौकी इंचार्ज समेत संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाए। मंत्री ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और निलंबन की मांग की। उन्होंने पूरे घटनाक्रम में पुलिस की भूमिका की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता भी बताई। बातचीत के दौरान संजय निषाद ने आरोप लगाया कि विनोद साहनी को लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों की ओर से मामले में बयान बदलवाने का दबाव बनाया गया।
ये आरोप संजय निषाद की ओर से लगाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि का विवरण नहीं दिया गया है। संजय निषाद ने एसपी गोंडा से बातचीत के दौरान कहा कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
यह खबर भी पढ़े - यूपी में 17 सितंबर से शुरू होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’, एक महीने चलेंगे कार्यक्रम
मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर उठाए गए सवालों के बीच संजय निषाद ने संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की पुष्टि नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विनोद साहनी को गोंडा में गोली मारी गई थी। गोली लगने के बाद उनकी हालत गंभीर थी। उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ लाया गया था।
लखनऊ में उपचार के दौरान शुक्रवार को विनोद साहनी की मौत हो गई। उनकी मौत की सूचना के बाद परिजनों और समर्थकों में आक्रोश फैल गया। इसके बाद मामला लखनऊ तक पहुंचा और पोस्टमार्टम हाउस पर राजनीतिक नेताओं तथा समर्थकों की मौजूदगी के बीच धरना शुरू हुआ।
विनोद साहनी हत्याकांड को लेकर आयोजित धरने में अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े नेता भी पहुंचे। वीआईपी पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी और सपा एमएलसी राजपाल कश्यप धरने में संजय निषाद के साथ शामिल हुए। अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं की मौजूदगी के कारण यह मामला राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा में आया।
पोस्टमार्टम हाउस के बाहर समर्थकों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की तथा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। संजय निषाद की ओर से नाराजगी जताए जाने के बीच एसपी गोंडा ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की प्रक्रिया तेज किए जाने का भरोसा दिया।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, एसपी ने कार्रवाई आगे बढ़ाने की बात कही। हालांकि, इस घटनाक्रम में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कोई विशिष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। धरने में शामिल नेताओं और समर्थकों की ओर से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ मामले में पुलिस की भूमिका की जांच की मांग भी की गई।
विनोद साहनी को गोली मारे जाने और बाद में लखनऊ में इलाज के दौरान उनकी मौत के बाद घटनाक्रम का केंद्र पुलिस कार्रवाई भी बन गई है। संजय निषाद ने संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पुलिस की भूमिका की निष्पक्ष जांच की बात कही है।
वहीं, एसपी गोंडा की ओर से आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी की प्रक्रिया तेज किए जाने का भरोसा दिए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट है कि विनोद साहनी की मौत के बाद उनके परिजनों और समर्थकों ने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।