उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान सत्तारूढ़ टीएमसी और मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी पर तीखा हमला बोला। नबद्वीप विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा में उन्होंने कानून-व्यवस्था, कथित राजनीतिक हिंसा और सीएए को लेकर राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि टीएमसी लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास नहीं करती और चुनाव के दौरान हिंसा के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पहले चरण के मतदान के दौरान विपक्षी दलों के नेताओं और प्रत्याशियों पर हमले हुए, जिसे जनता ने देखा। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद स्थिति बदलने का दावा करते हुए राज्य में राजनीतिक परिदृश्य में परिवर्तन की बात कही। हालांकि, इन दावों पर राज्य सरकार या टीएमसी की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
सभा में मुख्यमंत्री ने सीएए के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार ने इस कानून का विरोध किया, जबकि केंद्र सरकार इसे मानवीय आधार पर लागू करना चाहती है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में धार्मिक और सामाजिक मुद्दों का भी उल्लेख किया, जिन पर राजनीतिक विवाद बना हुआ है। मुख्यमंत्री ने राज्य में कथित तौर पर माफियाराज, भ्रष्टाचार और अराजकता का आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल को इन समस्याओं से मुक्ति की आवश्यकता है। उन्होंने भूमि, रेत और पशु तस्करी जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इसके साथ ही उन्होंने एक भाजपा कार्यकर्ता की हत्या का उल्लेख करते हुए कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नबद्वीप में भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। सभा में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी देखी गई और समर्थकों द्वारा नारेबाजी भी की गई। उन्होंने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए चैतन्य महाप्रभु को श्रद्धांजलि अर्पित की और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत की चर्चा की। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार होने पर विकास की गति तेज होने का दावा किया। उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि राज्य में राजनीतिक परिवर्तन से विकास को बढ़ावा मिलेगा।