राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की 2023 की रिपोर्ट ने उत्तर प्रदेश में ‘योगी मॉडल’ की सफलता को साबित कर दिया है। दो पूर्व डीजीपी देवेंद्र सिंह चौहान और विक्रम सिंह ने इस रिपोर्ट की आधारशिला पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण नीतियों की सराहना की।
पूर्व डीजीपी देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि यूपी में अपराध नियंत्रण को एक सिस्टम आधारित ढांचे में बदला गया है।
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एफआईआर से कन्विक्शन तक फाइव-टियर सुपरविजन सिस्टम लागू
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मुख्यमंत्री स्वयं मॉनीटरिंग करते हैं, फिर गृह विभाग, डीजीपी, एडीजी जोन, आईजी रेंज और एसपी स्तर तक निगरानी
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2017 से अब तक प्रदेश में एक भी सांप्रदायिक दंगा नहीं
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दलितों के खिलाफ अपराध राष्ट्रीय औसत से कम
चौहान ने कहा कि महिला, बच्चे और बुजुर्ग इस मॉडल की प्राथमिकता हैं। मिशन शक्ति और एंटी रोमियो स्क्वॉड अभियानों ने महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाया है। अब महिलाएं रात में भी सुरक्षित महसूस कर रही हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर और पुलिस सुधार
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नए थाने, चौकियां, पुलिस लाइन्स, फॉरेंसिक लैब्स और एविडेंस कलेक्शन वैन से जांच प्रक्रिया तेज
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पुलिस अधिकारियों को अब स्थायित्व (2-2.5 साल का टेन्योर) मिला, जिससे जवाबदेही और प्रदर्शन में सुधार
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स्थायी टेन्योर से प्रदर्शन और जिम्मेदारी दोनों तय होती हैं
पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के इस कथन ने यूपी पुलिस की दिशा तय की। अपराधी अब जानते हैं कि कानून से ऊपर कोई नहीं।
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हत्या दर में यूपी राष्ट्रीय औसत से कम (1.4 प्रति लाख)
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अपहरण-फिरौती लगभग शून्य
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डकैतियों में ऐतिहासिक गिरावट, अब सालभर में सिर्फ 73 डकैतियां
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महिला अपराध में यूपी की सजा दर देश में सबसे ऊंची
विक्रम सिंह ने कहा, “फोर्स वही है, अधिकारी वही हैं, बदला है सिर्फ ईको सिस्टम और जीरो टॉलरेंस नीति। यूपी पुलिस को मिली स्वायत्ता और जनता में बढ़ा विश्वास इसकी सबसे बड़ी सफलता है।”