योगी सरकार का इस निवेश से बदल जाएगी तस्वीर

17 Jul 2025

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। राज्य के उन परिषदीय विद्यालयों को, जिनमें 500 या उससे अधिक छात्र नामांकित हैं, अब ‘आदर्श विद्यालय’ का दर्जा दिया जाएगा। इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए सरकार ने ₹2,000 करोड़ के बजट को स्वीकृति दी है, जो बेसिक शिक्षा विभाग की अब तक की सबसे बड़ी निवेश योजना मानी जा रही है।

यह राशि अनुदान संख्या-71 के अंतर्गत ‘वृहद निर्माण कार्य मद’ से स्वीकृत की गई है और इसे वर्ष 2025-26 में लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाना है ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और तकनीक-समर्थ शिक्षा वातावरण मिल सके।

विद्यालयों का कायाकल्प: सिर्फ इमारत नहीं, शिक्षा की गुणवत्ता भी

इस योजना के अंतर्गत जिन विद्यालयों का चयन होगा, उन्हें मिलेगी—

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के अनुसार, “शिक्षा का मतलब अब सिर्फ उपस्थिति नहीं, बल्कि उत्कृष्टता भी है। हम बच्चों को ऐसा वातावरण देना चाहते हैं, जहाँ वे सीखने के हर पहलू को अनुभव कर सकें।”

नई रणनीति: नामांकन के आधार पर संसाधन आवंटन

अब तक देखा गया है कि कम नामांकन वाले विद्यालयों में संसाधन तो हैं, पर उपयोगिता कम है। वहीं अधिक छात्रसंख्या वाले स्कूल संसाधन के अभाव में भी अच्छा प्रदर्शन करते हैं। इसी सोच के तहत, अब 500+ नामांकन वाले स्कूलों को प्राथमिकता पर अपग्रेड किया जाएगा।

महानिदेशक स्कूल, कंचन वर्मा के अनुसार, "इस रणनीति से छात्रों में पियर लर्निंग, सक्रिय सहभागिता और अनुभवात्मक अधिगम को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही शिक्षकों के लिए बेहतर कार्य विभाजन और शिक्षण समय सारणी की व्यवस्था होगी।"

सख्त निगरानी और पारदर्शी क्रियान्वयन की तैयारी

वित्त विभाग ने निर्देश जारी कर दिए हैं कि कोई भी कार्य दोहराव में नहीं होगा और कार्यदायी संस्थाओं का नामांकन पूरी पारदर्शिता के साथ होगा। राज्य स्तर पर निगरानी के लिए एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा, जो कार्यों की गति और गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी।

एक नजर में योजना के प्रमुख बिंदु:

बिंदु विवरण
कुल बजट ₹2,000 करोड़
वित्तीय वर्ष 2025-26
लक्ष्य विद्यालय 500+ छात्रसंख्या वाले स्कूल
प्रमुख सुविधाएं स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, क्लब रूम, एमडीएम शेड
प्रमुख उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण, नवाचारी और तकनीकी शिक्षा का विस्तार