मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में बड़ा राजनीतिक संदेश देते हुए कहा कि “विदेशी मॉडल भारत के लिए घातक है, स्वदेशी ही आत्मनिर्भर और विकसित भारत का रास्ता है।” उन्होंने चेताया कि इतिहास गवाह है—जब-जब भारत ने विदेशी मॉडल अपनाया, देश की कृषि, कुटीर उद्योग और समाज को नुकसान उठाना पड़ा। अब समय है कि हर नागरिक ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को अपनाकर भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए।
योगी ने याद दिलाया कि सन् 1100 तक हिंदुओं की आबादी 60 करोड़ थी, लेकिन आक्रमणकारियों की यातनाओं, भूख और बीमारियों के चलते यह 1947 तक घटकर 30 करोड़ रह गई। उन्होंने कहा कि वही विदेशी मानसिकता आज भी समाज को बांटने और देश को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। इसलिए जरुरी है कि भारत अब अपने स्वदेशी मॉडल को अपनाए और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़े।
भाजपा का ‘आत्मनिर्भर भारत-संकल्प अभियान’
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भाजपा 25 सितंबर से 25 दिसंबर तक तीन माह का “आत्मनिर्भर भारत-संकल्प अभियान” चलाएगी। इसमें स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कार्यशालाएं, सम्मेलन, मेले और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। दीपावली से पहले 10 से 18 अक्टूबर तक हर जिले में स्वदेशी मेला लगेगा, जिसमें ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ (ODOP) और स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को मंच मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पिछले साल यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 2200 करोड़ रुपये की बिक्री हुई थी। यह दिखाता है कि जब भारत अपने कारीगरों, किसानों और उद्यमियों पर विश्वास करता है तो आर्थिक मजबूती और सांस्कृतिक गौरव दोनों बढ़ते हैं। योगी ने स्पष्ट किया—“भारत सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है। यहां का पैसा यहीं खर्च होना चाहिए। अगर यह पैसा विदेशी बाजारों में गया, तो वहां से वही धन आतंकवाद, नक्सलवाद और उग्रवाद को बढ़ावा देगा।”
राजनीतिक संदेश और राष्ट्रीय संकल्प
योगी का यह बयान केवल आर्थिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि राजनीतिक तौर पर भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटते हैं, वे विदेशी मानसिकता वाले हैं। ऐसे लोग स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत अभियान पर भी सवाल खड़े करेंगे। लेकिन अब जनता को यह समझना होगा कि आत्मनिर्भरता ही भारत का भविष्य है।
भाजपा नेताओं ने भी अभियान की रूपरेखा रखी। राष्ट्रीय सह-संयोजक और सांसद सीपी जोशी ने कहा कि “वोकल फॉर लोकल से लेकर मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया तक, आत्मनिर्भर भारत तभी सफल होगा जब हर नागरिक इसे अपना अभियान माने।” प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने इसे केवल आर्थिक आंदोलन नहीं, बल्कि राष्ट्र के स्वाभिमान की लड़ाई बताया।
अभियान की रूपरेखा
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जिला स्तरीय कार्यशालाएं – 26 सितंबर 2025
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मंडल स्तरीय कार्यशालाएं – 28 से 30 सितंबर 2025
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युवा व महिला मोर्चा सम्मेलन व हस्ताक्षर अभियान – 16 से 30 अक्टूबर 2025
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डॉक्टर, इंजीनियर व अधिवक्ताओं के सम्मेलन – 1 से 15 नवंबर 2025
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महाविद्यालयों में ‘स्वदेशी संकल्प सेमिनार’ – 1 से 15 नवंबर 2025
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वाद-विवाद प्रतियोगिता व मॉक पार्लियामेंट – 1 से 15 नवंबर 2025
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ऑनलाइन क्विज, निबंध व भाषण प्रतियोगिता – 1 से 15 नवंबर 2025
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स्वदेशी मेले और सम्मेलन – 16 से 30 नवंबर 2025
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स्ट्रीट वेंडर, छोटे दुकानदार और कारीगर सम्मेलन – 1 से 15 दिसंबर 2025
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‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प पदयात्रा’ – 1 से 25 दिसंबर 2025