किसानों के लिए कम लागत और पर्यावरण अनुकूल तकनीक विकसित करने का सपना देखने वाले 22 वर्षीय युवा वैज्ञानिक राहुल सिंह की लखनऊ के एक फाइव स्टार होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बैटरी से चलने वाला ट्रैक्टर विकसित कर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले राहुल विभूतिखंड क्षेत्र स्थित नोवोटेल होटल में ठहरे हुए थे। मंगलवार सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने और फोन का जवाब न मिलने पर होटल प्रबंधन तथा परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। कमरे का दरवाजा खुलवाया गया तो राहुल अचेत अवस्था में मिले। उन्हें तत्काल डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार राहुल सिंह, महाराजगंज जिले के बीजापार क्षेत्र के असमन छपरा गांव के रहने वाले थे। वह 13 जुलाई को दोपहर करीब 1:19 बजे नोवोटेल होटल में ठहरे थे।
मंगलवार सुबह परिजनों ने कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। काफी देर तक संपर्क न होने पर राहुल के भाई को चिंता हुई और उसने होटल प्रबंधन से संपर्क किया। परिजन होटल पहुंचे, लेकिन कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और होटल स्टाफ की मदद से कमरा खुलवाया गया। अंदर राहुल बेड पर अचेत अवस्था में मिले। उन्हें तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
राहुल सिंह ने खेती को कम खर्चीला और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से बैटरी से चलने वाला ट्रैक्टर विकसित किया था। उनके इस नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली थी। इससे पहले उन्होंने बैटरी से संचालित साइकिल सहित कई अन्य तकनीकी मॉडल भी तैयार किए थे।
राहुल किसान परिवार से थे और खेती से जुड़ी समस्याओं को करीब से देखने के बाद उन्होंने कृषि क्षेत्र के लिए वैकल्पिक तकनीक विकसित करने का लक्ष्य बनाया था। उनके शोध का केंद्र किसानों की लागत कम करना और आधुनिक तकनीक को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाना था।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार राहुल इन दिनों ड्रोन तकनीक और कृषि क्षेत्र से जुड़े नवाचारों पर शोध कर रहे थे। वह गोरखपुर स्थित मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के डिजाइन, इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़े हुए थे और शोध कार्य के साथ अपनी पढ़ाई भी जारी रखे हुए थे।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक टीम होटल पहुंची। टीम ने कमरे का बारीकी से निरीक्षण किया और घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए।
पुलिस ने होटल का रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज और अन्य संबंधित अभिलेख अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के कारणों का स्पष्ट पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर लगाया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया गया है। जांच के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि मौत किन परिस्थितियों में हुई। इसके लिए घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तकनीकी तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा।
राहुल सिंह की मौत की खबर उनके पैतृक गांव पहुंचते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि राहुल ने कम उम्र में अपने वैज्ञानिक नवाचारों से क्षेत्र का नाम रोशन किया था और गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा बने हुए थे।