>संभल - सोशल मीडिया की चमक-दमक और वायरल होने की चाह में अश्लीलता की हदें पार कर रहीं युवतियों का गिरोह आखिरकार यूपी पुलिस के शिकंजे में आ गया है। संभल जिले के असमोली थाना क्षेत्र में रहने वाली दो सगी बहनें और दो अन्य युवक-युवती सोशल मीडिया पर गाली-गलौज, अश्लील इशारे और आपत्तिजनक कंटेंट अपलोड करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि ये लोग इंस्टाग्राम पर अश्लीलता फैलाकर पैसे कमा रहे थे और बच्चों पर इसका गंभीर असर पड़ रहा था।
>546 रील, 4.32 लाख फॉलोअर्स और अश्लीलता
>पकड़ी गई युवतियों में मेहरुल निशा उर्फ परी और महक शामिल हैं, जो बहनें हैं और “143” नामक इंस्टाग्राम अकाउंट चलाती थीं। इनके साथ हीना और जर्रार आलम को भी गिरफ्तार किया गया है। ये सभी अश्लील भाषा, गालियों और उत्तेजक इशारों वाले रील्स अपलोड कर लाखों दर्शकों को आकर्षित कर रहे थे। महज़ छह महीनों में ये 546 वीडियो पोस्ट कर चुके थे और हर महीने 25-25 हजार रुपये की कमाई कर रहे थे।
>गांव में विरोध के बाद पुलिस हरकत में आई
>ग्राम शहबाजपुर कला के ग्रामीणों ने इन वीडियो को देखकर कड़ा ऐतराज जताया और इसे बच्चों के भविष्य के लिए खतरनाक बताया। इसके बाद ग्रामीणों ने यूपी पुलिस को टैग कर शिकायत की और स्थानीय थाना असमोली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि शिकायत के बाद एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ़्तार किया।
>अभिव्यक्ति की आज़ादी जरूरी, लेकिन मर्यादा भी ज़रूरी
>एसपी विश्नोई ने कहा कि "हर व्यक्ति को अपनी बात कहने का अधिकार है, लेकिन इस स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी आती है। सोशल मीडिया अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है, लेकिन जब इसका दुरुपयोग समाज पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, तब कानून अपना काम करता है।"
>चारों आरोपियों पर आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।