>उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और उच्च गुणवत्ता वाली बनाने के लिए मुख्यमंत्री मॉडल कॉम्पोजिट विद्यालयों के निर्माण की प्रक्रिया और तेज़ करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने जिला प्रशासन को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि भूमि चयन और पंजीकरण की कार्यवाही में किसी भी तरह की देरी न हो, ताकि परियोजना समयसीमा के भीतर पूर्ण हो सके।
>अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि जिन जिलों में विद्यालयों के लिए भूमि पहले ही चिन्हित की जा चुकी है, वहां उसे तुरंत शिक्षा विभाग के नाम दर्ज कराकर खतौनी की प्रति उपलब्ध कराई जाए। वहीं जिन जिलों में भूमि चयन लंबित है, जल्द से जल्द उपयुक्त निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराई जाए।
>निर्देशों की प्रमुख बातें
- जिलाधिकारियों को भूमि उपलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश
- भूमि पंजीकरण शिक्षा विभाग के नाम पर जल्द पूरा करने के निर्देश
- कार्यदायी संस्थाओं को डीपीआर जल्द भेजने का आदेश
- गोरखपुर में मानक भूमि चौड़ाई की समस्या पर तत्काल बैठक कर हल निकालने के निर्देश
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>गोरखपुर में सड़क चौड़ाई मानक को लेकर अड़चन पर अधिकारियों को कहा गया है कि डीएम की अध्यक्षता में प्राधिकरण और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की बैठक कर समाधान निकाला जाए।