अम्बेडकरनगर। उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले में मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश करने वाला एक मामला सामने आया है। प्रसव पीड़ा से परेशान एक गर्भवती महिला को जब इलाज के लिए ले जाया गया तो मातृ शिशु कल्याण केंद्र बंद मिला। स्थिति गंभीर होती देख स्थानीय थाने में तैनात दो महिला सिपाहियों ने बिना समय गंवाए जिम्मेदारी संभाली और सुरक्षित प्रसव कराकर मां और नवजात दोनों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
जानकारी के अनुसार आदमपुर निवासी नीलम, पत्नी सुरेश, को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन उन्हें तत्काल महरुआ स्थित मातृ शिशु कल्याण केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचने पर केंद्र बंद मिला। इस दौरान महिला की प्रसव पीड़ा लगातार बढ़ रही थी और तत्काल चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय थाने में तैनात महिला कांस्टेबल पूजा पाण्डेय और आशा यादव तुरंत मदद के लिए आगे आईं। दोनों ने सूझबूझ और तत्परता का परिचय देते हुए सुरक्षित प्रसव कराया। समय पर मिली इस सहायता से जच्चा और नवजात दोनों सुरक्षित रहे।
सुरक्षित प्रसव के बाद मां और नवजात को बेहतर चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भीटी भेजा गया, जहां दोनों का उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।
घटना के बाद महिला सिपाहियों के इस मानवीय कार्य की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आपात स्थिति में महिला पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय दिया।
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