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यूपी के कारोबारियों की जेम पर बढ़ी हिस्सेदारी, एक साल में जुड़ीं 1.01 लाख नई फर्में

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Bureau News Desk
15 Sep 2026
08:44 PM
1 min read
यूपी के कारोबारियों की जेम पर बढ़ी हिस्सेदारी, एक साल में जुड़ीं 1.01 लाख नई फर्में

लखनऊ, 15 सितंबर। उत्तर प्रदेश में सरकारी खरीद के डिजिटल प्लेटफॉर्म सरकारी ई-मार्केटप्लेस यानी जेम पर पंजीकृत फर्मों की संख्या में एक साल के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 31 मार्च 2026 तक प्रदेश में जेम पर कुल 7,86,687 फर्में पंजीकृत थीं। 31 मार्च 2025 को यह संख्या 6,85,488 थी। इस तरह एक वर्ष में 1,01,199 नई फर्में जेम से जुड़ीं और कुल पंजीकरण में 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कुल फर्मों की संख्या बढ़ने के साथ सूक्ष्म एवं लघु उद्यम (एमएसई), महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) और स्टार्टअप फर्मों के पंजीकरण में भी वृद्धि हुई है। ये आंकड़े उत्तर प्रदेश में सरकारी खरीद के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग कारोबारी श्रेणियों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाते हैं।

जेम पर उत्तर प्रदेश की कुल पंजीकृत फर्मों की संख्या 31 मार्च 2025 को 6,85,488 थी। एक वर्ष बाद यानी 31 मार्च 2026 को यह बढ़कर 7,86,687 हो गई। दोनों आंकड़ों के बीच 1,01,199 फर्मों का अंतर है। कुल पंजीकरण में 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस तरह 2025-26 वित्तीय वर्ष के दौरान जेम पर उत्तर प्रदेश से पंजीकरण कराने वाली फर्मों की संख्या में लगातार विस्तार हुआ। जेम सरकारी खरीद के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला डिजिटल प्लेटफॉर्म है। उपलब्ध आंकड़ों में उत्तर प्रदेश के कुल पंजीकरण के साथ अलग-अलग श्रेणियों की फर्मों की संख्या भी दर्ज की गई है।

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सूक्ष्म एवं लघु उद्यम यानी एमएसई श्रेणी में भी पंजीकरण बढ़ा है। 31 मार्च 2025 तक उत्तर प्रदेश की 1,06,855 एमएसई फर्में जेम पर पंजीकृत थीं। 31 मार्च 2026 तक यह संख्या बढ़कर 1,23,075 हो गई। इस दौरान एमएसई श्रेणी में 16,220 फर्मों की वृद्धि हुई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, यह 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। एमएसई फर्मों की संख्या में वृद्धि ऐसे समय में दर्ज की गई है जब प्रदेश सरकार की नीतियों में एमएसएमई क्षेत्र, छोटे कारोबारियों और स्थानीय उद्यमियों को बढ़ावा देने पर जोर दिए जाने की बात कही गई है। जेम पर बढ़ते पंजीकरण से इन फर्मों की सरकारी खरीद व्यवस्था में भागीदारी का आंकड़ा सामने आता है।

जेम पर महिला उद्यमियों से जुड़ी फर्मों के पंजीकरण में भी वृद्धि दर्ज की गई है। 31 मार्च 2025 को उत्तर प्रदेश में 19,418 महिला फर्में जेम पर पंजीकृत थीं। 31 मार्च 2026 तक यह संख्या बढ़कर 23,407 हो गई। एक साल में महिला फर्मों की संख्या में 3,989 का इजाफा हुआ। इस श्रेणी में पंजीकरण 21 प्रतिशत बढ़ा। आंकड़ों के मुताबिक, कुल फर्म पंजीकरण के साथ महिला उद्यमियों की भागीदारी में हुई वृद्धि भी सरकारी खरीद के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज हुई है। महिला फर्मों का पंजीकरण बढ़ने से इन उद्यमों की सरकारी संस्थानों के लिए उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध कराने की संभावित भागीदारी का दायरा भी बढ़ा है।

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग से जुड़ी फर्मों के पंजीकरण में भी बढ़ोतरी हुई है। 31 मार्च 2025 को इस श्रेणी की 4,890 फर्में जेम पर पंजीकृत थीं। 31 मार्च 2026 तक इनकी संख्या बढ़कर 5,783 हो गई। एक वर्ष के दौरान एससी/एसटी फर्मों की संख्या में 893 की वृद्धि हुई। प्रतिशत के लिहाज से इस श्रेणी में 18 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया। जेम पर इस श्रेणी की फर्मों का पंजीकरण सरकारी खरीद व्यवस्था में सामाजिक रूप से विभिन्न कारोबारी समूहों की भागीदारी से जुड़ा आंकड़ा उपलब्ध कराता है। इन फर्मों के लिए जेम के माध्यम से सरकारी संस्थानों को उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध कराने का अवसर मौजूद है।

उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप फर्मों के पंजीकरण में भी वृद्धि दर्ज की गई। 31 मार्च 2025 तक जेम पर प्रदेश की 4,404 स्टार्टअप फर्में पंजीकृत थीं। 31 मार्च 2026 को इनकी संख्या बढ़कर 5,350 हो गई। एक साल में स्टार्टअप फर्मों की संख्या में 946 का इजाफा हुआ। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, यह 21 प्रतिशत की वृद्धि है। स्टार्टअप फर्मों की जेम पर बढ़ती संख्या सरकारी संस्थानों के लिए उत्पाद, तकनीकी समाधान और सेवाएं उपलब्ध कराने वाले नए उद्यमों की बढ़ती मौजूदगी से संबंधित है। सरकार की ओर से प्रदेश में निवेश, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर दिए जाने के बीच स्टार्टअप श्रेणी के पंजीकरण में यह वृद्धि दर्ज हुई है।

उत्तर प्रदेश में जेम के स्टेट नोडल और डिप्टी सीईओ कृष्ण मुरारी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की क्रय नीति छोटे और स्थानीय उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा कर रही है। कृष्ण मुरारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश जेम क्रय नीति-2024 छोटे उद्यमियों के लिए वरदान साबित हुई है। उनके अनुसार, इस नीति के जरिए सरकारी खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने के साथ छोटे उद्यमियों को सरकारी खरीद में भागीदारी का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश द्वारा अपनाई गई व्यवस्था की उपयोगिता व्यापक स्तर पर दिखाई दे रही है और देश के अन्य हिस्सों में भी इसे अपनाया जा रहा है।

31 मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में जेम पर कुल 7,86,687 फर्में पंजीकृत थीं। इनमें 1,23,075 एमएसई फर्म, 23,407 महिला फर्म, 5,783 एससी/एसटी फर्म और 5,350 स्टार्टअप फर्म शामिल थीं। 31 मार्च 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच इन सभी श्रेणियों में पंजीकरण बढ़ा। कुल फर्मों में 15 प्रतिशत, एमएसई फर्मों में 16 प्रतिशत, महिला फर्मों में 21 प्रतिशत, एससी/एसटी फर्मों में 18 प्रतिशत और स्टार्टअप फर्मों में 21 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।

एक नजर में जेम पर उत्तर प्रदेश की भागीदारी

श्रेणी 31 मार्च 2025 31 मार्च 2026 वृद्धि
कुल पंजीकृत फर्म 6,85,488 7,86,687 15%
कुल एमएसई फर्म 1,06,855 1,23,075 16%
कुल महिला फर्म 19,418 23,407 21%
कुल एससी/एसटी फर्म 4,890 5,783 18%
कुल स्टार्टअप फर्म 4,404 5,350 21%

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार की कारोबारी सुगमता, एमएसएमई प्रोत्साहन और स्थानीय उद्यमियों को सरकारी खरीद से जोड़ने से संबंधित नीतियों के साथ जेम पर पंजीकरण में वृद्धि दर्ज की गई है। प्रदेश में सरकारी खरीद के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत फर्मों की कुल संख्या के अलावा एमएसई, महिला, एससी/एसटी और स्टार्टअप श्रेणियों के आंकड़े भी बढ़े हैं। इससे सरकारी खरीद व्यवस्था में अलग-अलग कारोबारी समूहों की भागीदारी से संबंधित तस्वीर सामने आती है। सरकारी खरीद में स्थानीय और छोटे कारोबारियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश जेम क्रय नीति-2024 को भी महत्वपूर्ण बताया गया है। नीति से संबंधित उपलब्ध जानकारी में सरकारी खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने तथा छोटे उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिए जाने की बात कही गई है।

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