साल 2026 की दूसरी छमाही भारतीय शेयर बाजार के प्राइमरी मार्केट के लिए काफी व्यस्त रहने की उम्मीद है। कई बड़ी कंपनियां अपने प्रारंभिक आईपीओ के जरिए पूंजी बाजार में प्रवेश की तैयारी कर चुकी हैं। इनमें देश के सबसे बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म, प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज, म्यूचुअल फंड हाउस, क्विक कॉमर्स और इंश्योरेंस सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं।
कुछ कंपनियों ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड के पास अपना डीआरएचपी दाखिल कर दिया है, जबकि कुछ को नियामकीय मंजूरी मिल चुकी है। ऐसे में आने वाले महीनों में निवेशकों के पास अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों में निवेश का अवसर हो सकता है।
मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली जिओ प्लेटफॉर्म्स ने 19 जुलाई को सेबी के पास अपना डीआरएचपी दाखिल किया है। कंपनी की योजना लगभग 37,700 करोड़ रुपये के आईपीओ के जरिए नई पूंजी जुटाने की है।
दस्तावेजों के अनुसार कंपनी करीब 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। जुटाई गई राशि का उपयोग मुख्य रूप से सहायक कंपनियों के कर्ज को कम करने और कारोबार के विस्तार में किया जाएगा। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने भी अपने आईपीओ की दिशा में अगला कदम बढ़ा दिया है।
डीआरएचपी के मुताबिक यह पूरा इश्यू ओएफएस होगा। यानी एक्सचेंज कोई नया शेयर जारी नहीं करेगा, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचेंगे। इस आईपीओ का अनुमानित आकार करीब 30,000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।
देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शामिल एसबीआई म्यूच्यूअल फण्ड को आईपीओ के लिए नियामकीय मंजूरी मिल चुकी है। करीब 10,000 करोड़ रुपये के इस आईपीओ में भी केवल ओएफएस होगा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और अमूंदि इंडिया होल्डिंग अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचेंगे। सूचीबद्ध होने के बाद एसबीआई म्यूच्यूअल फण्ड देश की छठी लिस्टेड एसेट मैनेजमेंट कंपनी बन जाएगी।
क्विक कॉमर्स सेक्टर की प्रमुख कंपनी जेप्टो ने अपना अपडेटेड डीआरएचपी दाखिल कर दिया है। करीब 8,010 करोड़ रुपये के इस आईपीओ में फ्रेश इश्यू और ओएफएस दोनों शामिल होंगे। कंपनी का कहना है कि जुटाई गई राशि का उपयोग आने वाले वर्षों में अपने डार्क स्टोर नेटवर्क के विस्तार पर किया जाएगा ताकि तेज डिलीवरी नेटवर्क को मजबूत किया जा सके।
इंश्योरटेक सेक्टर की कंपनी एक्को जनरल इंस्युरेन्स भी आईपीओ बाजार में उतरने की तैयारी में है। करीब 2,831 करोड़ रुपये का यह आईपीओ चालू या अगली तिमाही के दौरान लॉन्च किया जा सकता है। डेयरी उत्पाद बनाने वाली मिल्की मिस्ट डेरी फ़ूड को भी सेबी की मंजूरी मिल चुकी है।
हालांकि बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए कंपनी ने फिलहाल लॉन्च को टाल रखा है। उम्मीद है कि इसे अक्टूबर 2026 तक बाजार में लाया जा सकता है। कंपनी को हाल ही में टेमासेक से प्री-आईपीओ निवेश भी मिला है।
एसएमई सेगमेंट में भी हलचल: मुख्य बोर्ड के अलावा एसएमई प्लेटफॉर्म पर भी गतिविधियां तेज हैं। आस्था स्पिनटेक्स करीब 170 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की तैयारी में है। छोटे इश्यू साइज के कारण इस पर खुदरा और हाई नेटवर्थ निवेशकों की नजर बनी हुई है।
)यह खबर केवल सूचना के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी आईपीओ में निवेश करने से पहले कंपनी के डीआरएचपी , वित्तीय विवरण और जोखिम कारकों का अध्ययन करें तथा अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। NDV Today किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता।)
Explore Related Topics
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें