दिल्ली-एनसीआर में शनिवार सुबह आम लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा। राजधानी दिल्ली समेत एनसीआर के कई शहरों में सीएनजी की कीमतों में फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरों के अनुसार दिल्ली में सीएनजी अब 81.09 रुपये प्रति किलो हो गई है। इससे पहले इसकी कीमत 80.09 रुपये प्रति किलो थी। पिछले 10 दिनों में यह तीसरी बार है जब सीएनजी के दाम बढ़ाए गए हैं।
लगातार बढ़ रही कीमतों का असर सीधे तौर पर ऑटो, टैक्सी, कैब और निजी वाहन चालकों पर पड़ रहा है। साथ ही ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
10 दिनों में तीसरी बार बढ़े दाम : दिल्ली में इससे पहले 15 मई को सीएनजी की कीमत में 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 17 मई को एक रुपये प्रति किलो का इजाफा हुआ था। अब शनिवार को फिर एक रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी के साथ कीमत 81.09 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण सार्वजनिक परिवहन और निजी वाहन उपयोग करने वाले लोगों का खर्च बढ़ता जा रहा है।
नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी बढ़ी कीमत : दिल्ली के अलावा नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में सीएनजी की कीमत 89.70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। वहीं हरियाणा के गुरुग्राम में उपभोक्ताओं को 86.12 रुपये प्रति किलो की दर से सीएनजी मिल रही है। राजस्थान के अजमेर में सीएनजी का रेट 90.44 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया है, जिसे अब तक का उच्च स्तर माना जा रहा है।
मिडिल ईस्ट तनाव का असर : ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते ऊर्जा संकट और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर गैस और तेल की आपूर्ति पर पड़ा है। सप्लाई प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ी हैं, जिसका असर घरेलू बाजार में भी दिखाई दे रहा है। आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि आयातित गैस और कच्चे तेल की लागत बढ़ने के कारण कंपनियां धीरे-धीरे कीमतों में इजाफा कर रही हैं।
तेल कंपनियों पर बढ़ा दबाव : रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकारी तेल कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को बढ़ती खरीद लागत के कारण वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से महंगे दाम पर कच्चा तेल और गैस खरीदने के बावजूद लंबे समय तक खुदरा कीमतों में बदलाव नहीं होने से कंपनियों पर घाटे का असर बढ़ा है।
सीएनजी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं माना जा रहा है। ऑटो, टैक्सी और माल परिवहन की लागत बढ़ने से बाजार में वस्तुओं की ढुलाई महंगी हो सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में महंगाई पर इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है।
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