ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य के समर्थन में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता लखनऊ में सड़कों पर उतर आए। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कार्रवाई का विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य और उनके शिष्यों पर दर्ज एफआईआर धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला है। प्रदर्शनकारियों ने “शंकराचार्य पर अत्याचार बंद करो” जैसे नारे लगाए और भाजपा सरकार पर साधु-संतों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस पदाधिकारियों का कहना था कि यह कार्रवाई हिंदू धर्म की छवि को प्रभावित करने वाली है और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन दर्शाती है। पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें दर्ज मामलों को वापस लेने और निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
अपर जिलाधिकारी अमित सिंह ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त किया। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे इस मुद्दे पर आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाते रहेंगे।
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