मुख्यमंत्री योगी की सख्त चेतावनी: किसानों को भुगतान में देरी करने वाली चीनी मिलों पर होगी कड़ी कार्रवाई

गन्ना विभाग की समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने दिए निर्देश, पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता|
News Desk 05 May 2025, 11:28 PM 1 min read
मुख्यमंत्री योगी की सख्त चेतावनी: किसानों को भुगतान में देरी करने वाली चीनी मिलों पर होगी कड़ी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में साफ निर्देश दिया कि किसानों को भुगतान में देरी या टालमटोल करने वाली चीनी मिलों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस दिशा में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भविष्य में चीनी मिलों को आवंटित की जाने वाली गन्ना क्रय क्षेत्र की सीमा उनके किसानों को समय से किए गए भुगतानों के रिकॉर्ड के आधार पर ही तय की जाएगी।

गन्ना उत्पादकता बढ़ाने के लिए नए कदम

सीएम योगी ने गन्ना उत्पादकता बढ़ाने के लिए उन्नत बीज किस्मों की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने, कृषि विज्ञान केंद्रों, गन्ना समितियों और चीनी मिलों के बीच समन्वय बढ़ाने और नियमित खेत भ्रमण के निर्देश भी दिए। उन्होंने किसानों से सतत संवाद और गन्ना समितियों को और अधिक सशक्त बनाने की बात कही।

142 से बढ़ाकर 155 दिन तक किया जाए संचालन

मुख्यमंत्री ने चीनी मिलों के संचालन दिवसों को 142 से बढ़ाकर 155 करने का भी निर्देश दिया, जिससे उत्पादन क्षमता और किसानों की आय में वृद्धि हो सके। सहकारी और फेडरेशन चीनी मिलों की उत्पादन क्षमता और कार्यबल की योग्यता की गहन समीक्षा के भी आदेश दिए गए।

भुगतान में योगी सरकार का रिकॉर्ड शानदार

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक किसानों को ₹2.85 लाख करोड़ का भुगतान किया जा चुका है, जो 1995 से 2017 के बीच किए गए ₹2.13 लाख करोड़ के भुगतान से ₹72,474 करोड़ अधिक है। 2024-25 सत्र में अब तक ₹34,466.22 करोड़ में से ₹28,873.55 करोड़ (83.8%) का भुगतान 2 मई तक किया जा चुका है।

गन्ने की खेती और उत्पादकता में भारी वृद्धि

राज्य में गन्ना क्षेत्रफल 2016-17 में 20.54 लाख हेक्टेयर था, जो 2024-25 में बढ़कर 29.51 लाख हेक्टेयर हो गया है। इसी अवधि में उत्पादकता भी 72.38 टन प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 84.10 टन प्रति हेक्टेयर तक पहुंची है। मुख्यमंत्री ने कहा, “सुनियोजित रणनीति से हम प्रदेश में गन्ना उत्पादन और उत्पादकता को दोगुना कर सकते हैं।”

इथेनॉल उत्पादन में नई छलांग

बैठक में बताया गया कि वर्तमान में राज्य के 45 जिलों में 122 चीनी मिलें, 236 खांडसारी इकाइयाँ, 8,707 कोल्हू, 65 को-जेनरेशन इकाइयाँ और 44 डिस्टिलरी कार्यरत हैं, जो लगभग 9.81 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार दे रही हैं। 2023-24 में 102 डिस्टिलरियों ने 150.39 करोड़ लीटर इथेनॉल का उत्पादन किया। ₹6,771.87 करोड़ के निजी निवेश से 105.65 करोड़ लीटर अतिरिक्त क्षमता वाले नए संयंत्र भी स्थापित किए जा रहे हैं।

सीएम का संदेश: पारदर्शिता, समयबद्धता और तकनीक ही भविष्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीक-आधारित कार्य प्रणाली से ही हम किसानों को सशक्त बना सकते हैं और राज्य की गन्ना अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं।

योगी सरकार के इस कड़े रुख से यह साफ है कि अब किसानों को उनका हक देने में कोई ढिलाई नहीं चलेगी। सरकार की नजर हर उस चीनी मिल पर है, जो किसानों की मेहनत की कमाई को दबाने की कोशिश करेगी।

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