उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा शुरू हो गई है। मऊ सदर से विधायक और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता अब्बास अंसारी के समाजवादी पार्टी में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि अंसारी परिवार के कुछ अन्य सदस्य भी समाजवादी पार्टी का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अब तक अब्बास अंसारी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
अब्बास अंसारी के सुभासपा छोड़ने और समाजवादी पार्टी में जाने की चर्चाएं पिछले कई दिनों से चल रही हैं। माना जा रहा है कि यदि ऐसा होता है तो इसका असर पूर्वांचल की राजनीति पर भी पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल इसे लेकर किसी पक्ष की ओर से औपचारिक घोषणा नहीं हुई है।
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उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुटे हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार भारतीय जनता पार्टी और राज्य सरकार के खिलाफ मुखर नजर आ रहे हैं। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों की नजर संभावित नए गठबंधनों और नेताओं के रुख पर बनी हुई है।
अब्बास अंसारी के चाचा और गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। ऐसे में अंसारी परिवार के संभावित राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
हाल ही में सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया था कि समाजवादी पार्टी के 23 सांसद उनके माध्यम से भाजपा के संपर्क में हैं। उन्होंने सपा में टूट की संभावना भी जताई थी। इसके जवाब में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने ओम प्रकाश राजभर को 'अफवाह मंत्री' बताते हुए तंज कसा था और कहा था कि उन्हें अपनी पार्टी के भविष्य पर ध्यान देना चाहिए।
यदि अब्बास अंसारी और उनका परिवार समाजवादी पार्टी में शामिल होता है तो इसका प्रभाव पूर्वांचल के राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है। हालांकि अभी तक इस संबंध में किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है और राजनीतिक चर्चाओं का दौर जारी है।
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