राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों की जांच के लिए एसआईटी ने अपनी पड़ताल तेज कर दी है। जांच के दौरान एक नया दावा सामने आया है, जिसमें मुंबई के एक कारोबारी ने चांदी का हार और चरण पादुका चढ़ाने के बावजूद रसीद नहीं मिलने की बात कही है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने कारोबारी से बातचीत कर मामले से जुड़ी जानकारी जुटाई है। इसी बीच, श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को लेकर भी जांच एजेंसी की पड़ताल जारी है।
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सूत्रों का दावा है कि मुंबई के कारोबारी ने राम मंदिर में चांदी का हार और चरण पादुका चढ़ाई थी, लेकिन उन्हें इसकी रसीद नहीं मिली। इस दावे के सामने आने के बाद SIT ने मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच तेज कर दी है।
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जानकारी के अनुसार, विशेष जांच दल मंदिर में आभूषण और रत्न के रूप में किए गए चढ़ावे से संबंधित विवरण भी जुटा रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव से कई बार पूछताछ की जा चुकी है और जांच टीम विभिन्न तथ्यों का मिलान कर रही है।
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राम मंदिर चढ़ावा मामले ने उस समय अधिक सुर्खियां बटोरी थीं, जब समाजवादी पार्टी प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस संबंध में एक्स पर पोस्ट की थी। इसके बाद विवाद बढ़ने पर और मामले की जांच के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था।
राज्य सरकार की ओर से गठित एसआईटी को सात दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के भीतर अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच टीम विभिन्न पक्षों से जानकारी जुटाकर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
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