6 रिक्तियां और कई दावेदार... योगी कैबिनेट विस्तार पर अखिलेश के सवाल, दलबदलुओं को लेकर बीजेपी पर तंज

सपा प्रमुख बोले- 9 साल में जो नहीं हुआ, वह आखिरी 9 महीनों में कैसे होगा - सहयोगी दलों और पुराने बीजेपी नेताओं की नाराजगी का भी किया जिक्र।
Bureau 10 May 2026, 10:41 AM 1 min read
6 रिक्तियां और कई दावेदार... योगी कैबिनेट विस्तार पर अखिलेश के सवाल, दलबदलुओं को लेकर बीजेपी पर तंज

 

उत्तर प्रदेश में संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सपा प्रमुख अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए मंत्रिमंडल में खाली पदों, दलबदलुओं और बीजेपी के भीतर संभावित असंतोष को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब मंत्रिमंडल में केवल छह पद रिक्त हैं, तो दूसरी पार्टियों से आए नेताओं में किसे मंत्री बनाया जाएगा और इसका आधार क्या होगा।

 

अखिलेश यादव ने कहा कि यदि बीजेपी में शामिल हुए सभी नेताओं को मंत्री पद नहीं मिलता है तो उनमें असंतोष बढ़ सकता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो दलबदलू नेता मंत्री नहीं बन पाएंगे, वे खुद को ठगा हुआ महसूस करेंगे। उनके मुताबिक ऐसे नेताओं के लिए अपने क्षेत्रों में जनता का सामना करना भी मुश्किल हो सकता है।

 

सपा प्रमुख ने बीजेपी पर अपने पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि वर्षों से संगठन और सरकार में काम कर रहे नेताओं की उम्मीदों का क्या होगा, यदि बाहर से आए नेताओं को प्राथमिकता दी जाती है। अखिलेश यादव ने कहा कि इससे पार्टी के भीतर नाराजगी बढ़ सकती है।

 

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या बीजेपी सभी दावेदारों को मंत्री बनाकर संतुष्ट कर पाएगी या फिर कुछ चुनिंदा नेताओं को ही मौका मिलेगा। अखिलेश ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि कहीं ऐसा तो नहीं कि कमजोर नेताओं को मंत्री बनाकर उनकी राजनीतिक कमजोरी छिपाने की कोशिश की जाए।

 

सपा प्रमुख ने सामाजिक समीकरणों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी एक समाज के कई विधायक मंत्री पद की दौड़ में हैं और उनमें से सिर्फ एक को मौका मिलता है, तो बाकी नेताओं में असंतोष होना स्वाभाविक है। ऐसे में चयन का आधार क्या होगा, यह भी बड़ा राजनीतिक प्रश्न है।

 

अखिलेश यादव ने बीजेपी के सहयोगी दलों को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी अपने सहयोगियों को लंबे समय तक इंतजार करवाती है और बाद में उन्हें किनारे कर देती है। उन्होंने कहा कि जिन दलों और नेताओं के सहारे सत्ता तक पहुंचा गया, अब वही उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

 

उन्होंने सरकार के कामकाज पर भी सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने कहा कि यदि बीजेपी सरकार नौ वर्षों में जनता की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकी, तो आखिरी नौ महीनों में नए मंत्री क्या बदलाव ला पाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महंगाई लगातार बढ़ी है।

 

सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि प्रदेश में पीडीए वर्ग पर लगातार दबाव और हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं, जबकि आम जनता महंगाई और रोजगार की समस्या से जूझ रही है। उनके मुताबिक सरकार जनता के मूल मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है।

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

अलीगंज अग्निकांड के बाद केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव, पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये की मदद की मांग
15 मौतों के बाद खुलीं पुरानी फाइलें, रिपोर्ट में सामने आए 1043 भवनों से जुड़े तथ्य
मोमबत्तियों की रोशनी में नम हुई आंखें, छात्रों की याद में निकला कैंडल मार्च
रात 3:30 बजे चीखों से टूटी लोगों की नींद, छत पर पहुंचते ही सामने था खून से लथपथ मां का चेहरा
'दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे'... बलिदान दिवस पर CM योगी ने याद किया डॉ. मुखर्जी का संदेश
अब बीएसबी स्कूलों के छात्रों के रिकॉर्ड भी राष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़ेंगे, यूपी सरकार ने तेज की बड़ी प्रक्रिया
जिस इमारत में गईं 15 जानें, अब उसी पर बुलडोजर की तैयारी? 2016 का आदेश फिर चर्चा में
लखनऊ अग्निकांड के बाद सवालों की बौछार, संसद से बुलडोजर कार्रवाई तक तेज हुई सियासत
2016 में गिराने का आदेश हुआ था, फिर 15 लोगों की जान लेने वाली इमारत कैसे बची रही?