पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा इस्तीफा देने से इनकार किए जाने पर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दल जहां इस फैसले को लेकर लगातार हमलावर हैं, वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी का खुलकर समर्थन किया है। अखिलेश यादव ने बीजेपी पर चुनाव “लूटने” का आरोप लगाते हुए कहा कि जब चुनाव ही निष्पक्ष नहीं हुआ तो इस्तीफे की मांग का कोई औचित्य नहीं है।
सपा प्रमुख ने मीडिया से बातचीत में कहा, “जब चुनाव ही लुट गया तो इस्तीफा की क्या बात?” उन्होंने यह भी बताया कि वह शुक्रवार, 7 मई को पश्चिम बंगाल जाएंगे और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात करेंगे।
अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी के संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि वह अकेले बड़ी राजनीतिक लड़ाई लड़ रही थीं। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मतगणना प्रक्रिया का लाइव सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की। सपा अध्यक्ष ने कहा कि पश्चिम बंगाल के चुनावी अनुभव से सीख लेकर समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए नई रणनीति तैयार करेगी।
उन्होंने कहा, “लोकतंत्र अभी खत्म नहीं हुआ है। उसे जिंदा रखना है। जनता और कार्यकर्ता मिलकर लड़ेंगे। 2027 में बड़ी जीत होगी।” अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया कि जिस तरह 2012 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनी थी, उसी तरह 2027 में भी पार्टी सत्ता में वापसी करेगी।
महिला मुख्यमंत्री के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा को महिला अधिकारों पर आत्ममंथन करना चाहिए। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि बीजेपी आरक्षण और वोट दोनों “लूट” रही है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भी अखिलेश यादव ने आत्मविश्वास जताया। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वह कई ऋषि-मुनियों और ज्योतिषियों से मिले हैं और “पंडित जी जो कहेंगे वही करेंगे।” इसके बाद उन्होंने दावा दोहराया कि 2027 में समाजवादी पार्टी सरकार बनाएगी।
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