अम्बेडकरनगर। जिला अस्पताल के मातृ-शिशु विंग में गुरुवार को उस समय अव्यवस्था की स्थिति बन गई, जब इलाज के लिए बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंच गए। गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं के परिजनों और अन्य मरीजों की भीड़ इतनी अधिक थी कि ओपीडी के बाहर लंबी कतारें लग गईं। सबसे बड़ी परेशानी यह रही कि पूरी ओपीडी केवल एक चिकित्सक के भरोसे संचालित होती दिखाई दी, जिसके कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को ओपीडी में केवल डॉ. रीना राजभर मरीजों का उपचार कर रही थीं। अन्य चिकित्सकों के उपलब्ध न होने से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती गई और ओपीडी के बाहर लंबी लाइन लग गई। मरीज अपनी बारी का इंतजार करते रहे, जबकि चिकित्सक पर लगातार बढ़ते दबाव के कारण जांच और परामर्श की प्रक्रिया भी प्रभावित होती रही।
अस्पताल पहुंचे लोगों का कहना है कि सबसे अधिक दिक्कत गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ आए परिजनों को उठानी पड़ी। कई लोगों को घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। भीड़ अधिक होने के कारण बैठने की व्यवस्था भी अपर्याप्त साबित हुई, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
मरीजों और तीमारदारों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकों की तैनाती न होने के कारण समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि कई घंटे इंतजार करने के बाद भी नंबर नहीं आने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। उनका मानना है कि यदि ओपीडी में पर्याप्त डॉक्टर मौजूद होते तो मरीजों को इतनी परेशानी नहीं उठानी पड़ती।
स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन से मातृ-शिशु विंग में पर्याप्त चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि जिला अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं, ऐसे में चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाना जरूरी है ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों।
फिलहाल, अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर मरीजों और तीमारदारों में असंतोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में मरीजों की परेशानी और बढ़ सकती है।
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