अंबेडकरनगर में विद्यार्थियों को ग्रहों, नक्षत्रों और अंतरिक्ष विज्ञान की जानकारी व्यावहारिक एवं रोचक तरीके से देने के उद्देश्य से नक्षत्रशाला लैब शुरू की गई है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने जिला पंचायत निधि से निर्मित इस लैब का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिला पंचायत के प्रशासक श्याम सुंदर वर्मा उर्फ साधु वर्मा भी मौजूद रहे।
नक्षत्रशाला लैब का निर्माण जिला पंचायत निधि से किया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े विषयों को केवल पुस्तकीय जानकारी तक सीमित रखने के बजाय उन्हें व्यावहारिक तरीके से समझने का अवसर देने पर जोर दिया गया है। लैब में ग्रहों, नक्षत्रों और अंतरिक्ष से संबंधित जानकारी को विद्यार्थियों के लिए अधिक रोचक और समझने योग्य तरीके से प्रस्तुत करने के लिए विभिन्न उपकरण स्थापित किए गए हैं। इनमें टेलीस्कोप भी शामिल है।
शुभारंभ के दौरान प्रभारी मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने नक्षत्रशाला लैब का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां स्थापित टेलीस्कोप सहित विभिन्न उपकरणों का अवलोकन किया। लैब में उपलब्ध संसाधनों के बारे में जानकारी लेते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षिक संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। नक्षत्रशाला लैब के माध्यम से बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान के विभिन्न पहलुओं को समझने के लिए एक अतिरिक्त शैक्षिक संसाधन उपलब्ध कराया गया है।
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प्रभारी मंत्री ने शिक्षकों को निर्देश दिया कि नक्षत्रशाला लैब का नियमित रूप से उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि लैब के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जिज्ञासा विकसित करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। विद्यालयों में विज्ञान की पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों को विषयों को समझने के लिए व्यावहारिक संसाधन उपलब्ध कराने पर लगातार जोर दिया जाता रहा है। इसी क्रम में नक्षत्रशाला लैब को विद्यार्थियों के लिए अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े विषयों को समझने के एक माध्यम के रूप में विकसित किया गया है।
नक्षत्रशाला लैब का प्रमुख उद्देश्य बच्चों को ग्रहों, नक्षत्रों और अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित जानकारी रोचक तरीके से उपलब्ध कराना है। सामान्य तौर पर इन विषयों को समझने के लिए पुस्तकों और कक्षा शिक्षण पर निर्भर रहना पड़ता है। लैब में उपलब्ध उपकरण विद्यार्थियों को इन विषयों से जुड़ी अवधारणाओं को अधिक व्यावहारिक तरीके से समझने में मदद कर सकते हैं। टेलीस्कोप जैसे उपकरणों की उपलब्धता के कारण विद्यार्थियों को खगोलीय विषयों के प्रति अपनी जिज्ञासा को समझने और शिक्षकों के मार्गदर्शन में संबंधित जानकारी हासिल करने का अवसर मिलेगा।
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लैब के प्रभावी उपयोग में शिक्षकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया। प्रभारी मंत्री ने शिक्षकों से इसका नियमित इस्तेमाल करने को कहा, ताकि उपलब्ध संसाधनों का उपयोग विद्यार्थियों की शिक्षा में किया जा सके। शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों को ग्रहों, नक्षत्रों और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े विषयों की जानकारी दी जा सकती है। साथ ही लैब में उपलब्ध उपकरणों का उपयोग कक्षा में पढ़ाए जाने वाले संबंधित विषयों को समझाने के लिए किया जा सकता है।
आधुनिक शैक्षिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग
प्रभारी मंत्री ने विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षिक संसाधनों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। नक्षत्रशाला लैब में स्थापित विभिन्न उपकरणों को इसी शैक्षिक उद्देश्य से देखा गया। लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान से जुड़े विषयों को देखने, समझने और उनके बारे में सवाल पूछने का अवसर मिल सकता है। इससे शिक्षकों के लिए भी अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े विषयों को व्यावहारिक संदर्भ में समझाने का एक अतिरिक्त माध्यम उपलब्ध होगा।
नक्षत्रशाला लैब के शुभारंभ कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. पूनम मिश्रा, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष, विद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक और ग्रामवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान लैब के शुभारंभ के साथ वहां स्थापित उपकरणों का अवलोकन भी किया गया। प्रभारी मंत्री ने विद्यार्थियों को उपलब्ध आधुनिक शैक्षिक संसाधनों के उपयोग के लिए प्रेरित किया।
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