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अंबेडकरनगर में रक्षाबंधन की रौनक, मायके पहुंचीं बहनें तो लौट आई बचपन की यादें

शादी के बाद दूर रह रही बहनें भी राखी बांधने मायके पहुंचीं, बाजारों में राखी, मिठाई और उपहारों की खरीदारी दिखी।
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Bureau News Desk
28 Aug 2026
05:06 PM
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अंबेडकरनगर में रक्षाबंधन की रौनक, मायके पहुंचीं बहनें तो लौट आई बचपन की यादें
हाइलाइट्स
अंबेडकरनगर में रक्षाबंधन पर भाई-बहन के रिश्ते की रौनक दिखाई दी।
बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुखी और लंबे जीवन की कामना की।
शादी के बाद दूर रह रही कई बहनें राखी बांधने के लिए मायके पहुंचीं।
बाजारों में रंग-बिरंगी, कार्टून और धार्मिक प्रतीकों वाली राखियों की बिक्री हुई।

रक्षाबंधन के अवसर पर अंबेडकरनगर में भाई-बहन के रिश्ते की पारंपरिक गर्माहट और त्योहार की रौनक देखने को मिली। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुखी और लंबे जीवन की कामना की। भाइयों ने भी बहनों का साथ देने और उनकी रक्षा का संकल्प लिया। खास बात यह रही कि शादी के बाद दूर रह रही कई बहनें भी राखी बांधने के लिए मायके पहुंचीं। उनके आने से परिवारों में त्योहार का माहौल और बचपन से जुड़ी यादें फिर ताजा होती दिखाई दीं।

रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते से जुड़ा प्रमुख पर्व है। अंबेडकरनगर में त्योहार के दौरान परिवारों में इसे लेकर उत्साह नजर आया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उनके अच्छे स्वास्थ्य, सुखी जीवन तथा दीर्घायु की कामना की। शादी के बाद अलग-अलग स्थानों पर रह रही बहनों का राखी के अवसर पर मायके पहुंचना भी इस पर्व का अहम हिस्सा रहा। लंबे समय बाद परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताने का मौका मिलने से घरों में उत्सव का माहौल रहा। बहनों के पहुंचने से कई घरों में बचपन की यादों से जुड़ी रौनक वापस दिखाई दी। भाई-बहन के रिश्ते में बचपन की छोटी-छोटी नोकझोंक और आपसी अपनापन समय के साथ एक अलग रूप लेता है। रक्षाबंधन इसी रिश्ते को एक साथ मनाने का अवसर देता है। त्योहार के दौरान बहनों ने राखी बांधी और भाइयों ने उनके साथ खड़े रहने तथा उनकी रक्षा का संकल्प लिया।

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रक्षाबंधन को लेकर अंबेडकरनगर के बाजारों में भी गतिविधियां बढ़ीं। सुबह से ही राखियों से सजी दुकानों पर लोगों की आवाजाही दिखाई दी। दुकानों पर अलग-अलग रंग, डिजाइन और आकार की राखियां उपलब्ध रहीं, जिन्हें बहनों ने अपनी पसंद के अनुसार चुना। बच्चों के लिए कार्टून और आकर्षक डिजाइन वाली राखियां भी बाजार में मौजूद रहीं। इसके अलावा धार्मिक प्रतीकों वाली राखियों को भी लोगों ने पसंद किया। विभिन्न तरह की राखियों की उपलब्धता के कारण बहनों और बच्चों के लिए पसंद के अनुसार राखी चुनने के विकल्प रहे। त्योहार से पहले बाजारों में राखी की खरीदारी शुरू हो गई थी। रक्षाबंधन के दिन भी दुकानों पर चहल-पहल बनी रही। बहनों ने भाइयों के लिए राखियां खरीदीं और भाइयों ने भी त्योहार के लिए जरूरी खरीदारी की।

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राखी के साथ मिठाई और उपहार भी रक्षाबंधन की खरीदारी का हिस्सा रहे। अंबेडकरनगर में मिठाई की दुकानों पर भी लोगों की आवाजाही रही। भाइयों ने बहनों के लिए मिठाई के साथ उपहार खरीदे। कई लोगों ने अपनी बहनों की पसंद को ध्यान में रखते हुए विशेष उपहार भी लिए। इस तरह रक्षाबंधन की खरीदारी केवल राखियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिठाई और उपहारों की खरीदारी भी त्योहार की तैयारियों में शामिल रही। दुकानदारों के अनुसार, त्योहार को लेकर सुबह से ही बाजार में चहल-पहल बनी रही। राखी की दुकानों के साथ मिठाई की दुकानों पर भी ग्राहकों की आवाजाही रही। त्योहार से जुड़ी खरीदारी का असर बाजार की गतिविधियों में दिखाई दिया।

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रक्षाबंधन के अवसर पर परिवारों में भाई-बहन के मिलने का सिलसिला भी देखने को मिला। खासकर वे बहनें जो शादी के बाद दूसरे स्थानों पर रह रही हैं, राखी बांधने के लिए मायके पहुंचीं। उनके आने से परिवार के सदस्यों को एक साथ त्योहार मनाने का अवसर मिला। राखी बांधने की पारंपरिक रस्म के दौरान बहनों ने भाइयों के सुखी और लंबे जीवन की कामना की। भाइयों ने भी बहनों की हर परिस्थिति में साथ देने और उनकी रक्षा का संकल्प लिया। इस दौरान परिवारों में खुशियों का माहौल रहा।

रक्षाबंधन का अवसर उन पारिवारिक संबंधों को भी सामने लाता है, जिनकी नींव बचपन में पड़ती है। भाई-बहन के बीच बचपन की नोकझोंक और साथ बिताए समय की यादें त्योहार के दौरान फिर से चर्चा का हिस्सा बनीं। बाजार में बच्चों को ध्यान में रखते हुए भी कई तरह की राखियां उपलब्ध रहीं। कार्टून पात्रों और आकर्षक डिजाइन वाली राखियां बच्चों के लिए रखी गई थीं। वहीं धार्मिक प्रतीकों वाली राखियों को भी खरीदारों ने पसंद किया। अलग-अलग डिजाइन की राखियों ने बहनों को अपनी पसंद के अनुसार चयन का अवसर दिया। त्योहार के दिन बाजार में इस तरह की राखियों की दुकानों पर लोगों की आवाजाही बनी रही।

रक्षाबंधन के अवसर पर राखी, मिठाई और उपहारों की खरीदारी ने स्थानीय बाजारों में गतिविधि बढ़ाई। बहनों ने राखियां खरीदीं, जबकि भाइयों ने बहनों के लिए उपहार और मिठाइयां लीं। कई परिवारों में त्योहार की तैयारियों के लिए जरूरी सामान भी खरीदा गया। दुकानदारों के मुताबिक, सुबह से बाजार में चहल-पहल रही। राखी और मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही त्योहार के दौरान बनी रही। खरीदारी के कारण बाजार में रक्षाबंधन का माहौल दिखाई दिया।

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