बायोमेट्रिक व AI सिस्टम से आयुष्मान कार्ड अब और ज्यादा सुरक्षित

Ayushman Card: आयुष्मान कार्ड पोर्टल में सेंधमारी ने सुरक्षा पर सवाल खड़े किये, जिसके तहत सरकार ने पूरी प्रणाली को फर्ज़ीवाड़ा-प्रूफ बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब कार्ड बनवाने से लेकर इलाज के दावों तक, हर चरण बायोमेट्रिक और AI निगरानी में होगा।
News Desk 05 Nov 2025, 06:41 AM 1 min read
बायोमेट्रिक व AI सिस्टम से आयुष्मान कार्ड अब और ज्यादा सुरक्षित


>आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अब आपके आयुष्मान कार्ड को कोई भी ठग न तो हैक कर सकेगा और न ही फर्जी कार्ड बनाकर लाभ ले पाएगा। हाल ही में पोर्टल में सेंधमारी कर 450 से अधिक फर्जी कार्ड बनाए जाने की घटना सामने आने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश सरकार ने डिजिटल सुरक्षा और सत्यापन प्रक्रिया को और मजबूत कर दिया है।


>अब नए आयुष्मान कार्ड सिर्फ बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद ही बनेंगे। यानी लाभार्थी का फिंगरप्रिंट व आधार आधारित सत्यापन अनिवार्य होगा। इससे किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर कार्ड बनाना असंभव हो जाएगा।


>उत्तर प्रदेश में अब नए कार्ड जारी करने का अनुमोदन केवल स्टेट एजेंसी फॉर कम्प्रेहैन्सिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज के कार्यालय से ही होगा।


    >
  • बाहरी या निजी सिस्टम से अनुमोदन असंभव

  • अधिकृत कंप्यूटरों के IP एड्रेस सुरक्षित

  • पोर्टल पर हैकिंग रोकने के लिए उन्नत सुरक्षा दीवार


>साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा के मुताबिक, पूरा सिस्टम अब साइबर सुरक्षा कवच में है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता लगाया जा सकेगा।


>इलाज और अस्पताल क्लेम की जांच भी अब डबल लेयर में होगी:-


>पहला चरण – केंद्र द्वारा नियुक्त एजेंसी
दूसरा चरण – साचीज के डॉक्टर द्वारा समीक्षा


>मरीज और डॉक्टर की फोटो पोर्टल पर अपलोड अनिवार्य
जो क्लेम पहले फाइल, उसका पहले निस्तारण — निष्पक्षता सुनिश्चित


>राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने AI आधारित सॉफ्टवेयर तैनात किया है, जो धोखाधड़ी और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करेगा।


    >
  • संदिग्ध कार्ड चिन्हित करेगी

  • भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट देगी


>अर्चना वर्मा ने बताया कि अब आयुष्मान कार्ड प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल सुरक्षा कवच प्रदान कर दिया गया है।
आधार ई-केवाईसी से योजना का दुरुपयोग लगभग असंभव हो जाएगा। “लाभार्थियों के अधिकार और सरकारी संसाधन अब पूरी तरह सुरक्षित हैं।” - साचीज सीईओ

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