राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर शुक्रवार को बाराबंकी में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। न्यायालय परिसर से लेकर कलेक्ट्रेट और जिला पंचायत तक अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य उपस्थित लोगों ने दोनों महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े कार्यक्रमों के साथ बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष पहल की गई।
गांधी जयंती के अवसर पर जनपद न्यायालय परिसर से पोक्सो जागरूकता अभियान के अंतर्गत पुलिस बाइक रैली निकाली गई। जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा श्रीवास्तव ने न्यायालय के गेट नंबर-1 से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में महिला आरक्षियों सहित पुलिसकर्मियों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान आमजन को पोक्सो अधिनियम और बाल यौन अपराधों से संबंधित जागरूकता पंपलेट वितरित किए गए। अभियान का उद्देश्य लोगों को बच्चों की सुरक्षा, पोक्सो अधिनियम के प्रावधानों और बाल यौन अपराधों की रोकथाम के प्रति जागरूक करना था।
इससे पहले जनपद न्यायालय परिसर में गांधी जयंती और शास्त्री जयंती का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा श्रीवास्तव ने की। महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश श्रीमती वंदना सिंह, श्रीमती अल्पना सक्सेना, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम श्री विनय कुमार सिंह, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री रमन लाल द्विवेदी, महामंत्री श्री प्रदीप कुमार श्रीवास्तव सहित न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश प्रतिमा श्रीवास्तव ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन-मूल्यों तथा आदर्शों को अपनाकर उनके बताए मार्ग पर चलना सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पर्वों का उद्देश्य केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं होना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहते हुए उनका निर्वहन ईमानदारी, निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए। पोक्सो जागरूकता अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं से समाज में जागरूकता बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि न्यायालय का वातावरण ऐसा होना चाहिए, जहां पीड़ित और उनके परिवार स्वयं को सुरक्षित एवं सहज महसूस करें। उन्होंने बार और बेंच के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनके अनुसार अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और कोर्ट ऑफिसर के रूप में उनकी जिम्मेदारी है कि आमजन को न्याय सुलभ एवं सरल रूप से प्राप्त हो।
कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम श्री विनय कुमार सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सुभाष चंद्र तिवारी और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री उज्ज्वल उपाध्याय ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन तथा आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन अपर सत्र न्यायाधीश श्री श्रीकृष्ण चंद्र सिंह ने किया। इस दौरान महात्मा गांधी के प्रिय भजन 'रघुपति राघव राजा राम' का सामूहिक गायन भी हुआ।
गांधी और शास्त्री जयंती के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी श्री ईशान प्रताप सिंह ने ध्वजारोहण किया और अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। इसके बाद लोक सभागार में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई। गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने दोनों महापुरुषों के जीवन में सत्य, अहिंसा, सादगी, त्याग, सेवा और राष्ट्रसमर्पण के महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन को दिशा दी, जबकि लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी और कर्तव्यनिष्ठा से सार्वजनिक जीवन में आदर्श स्थापित किए। जिलाधिकारी ने शास्त्री जी के नारे 'जय जवान-जय किसान' का भी उल्लेख किया। उन्होंने समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के प्रति संवेदनशीलता रखते हुए उनके उत्थान के लिए कार्य करने की आवश्यकता बताई। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्री निरंकार सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक सहित कलेक्ट्रेट के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
मुख्य विकास अधिकारी श्री पंकज वर्मा ने विकास भवन में ध्वजारोहण किया। इसके बाद आयोजित गोष्ठी में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन तथा उनके विचारों पर प्रकाश डाला गया। जनपद के अन्य शासकीय भवनों में भी ध्वजारोहण और गांधी जी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया।
जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत प्रशासक श्रीमती राजरानी रावत ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किए। कार्यक्रम में अपर मुख्य अधिकारी आशुतोष कुमार सहित जिला पंचायत के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। राजरानी रावत ने गांधी जी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों तथा शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का उल्लेख किया। उन्होंने उपस्थित लोगों से इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई। अपने घर, कार्यस्थल और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
गांधी जयंती के अवसर पर बाराबंकी में विभिन्न स्थानों पर भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। जेबा पार्क में बच्चों की पांच किलोमीटर पैदल तेज चाल प्रतियोगिता हुई। गांधी उद्यान, रसूलपुर और गन्ना संस्थान में महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। गांधी भवन, देवा रोड पर स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसके अतिरिक्त कुष्ठ रोगियों को फल एवं मिष्ठान वितरित किए गए। गांधी नगर के मलिन क्षेत्र में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इन आयोजनों में श्रद्धांजलि, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े विषय शामिल रहे।
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