>जनजातीय गौरव और स्वतंत्रता संग्राम के प्रेरणास्रोत बिरसा मुंडा के बहुआयामी व्यक्तित्व और उनकी विरासत को समर्पित राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन वसंत महिला महाविद्यालय, वाराणसी में किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक आयोजन का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 18 जुलाई को करेंगे। संगोष्ठी का विषय है – “बिरसा मुंडा की विरासत: आदिवासी सशक्तिकरण और राष्ट्रीय आंदोलन के लिए उत्प्रेरक”।
>यह दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार 18-19 जुलाई को भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) और वसंत महिला महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहा है, जिसमें देशभर के 100 से अधिक विद्वान, शोधकर्ता, शिक्षक और छात्र भाग लेंगे तथा शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे।
>कार्यक्रम की मुख्य वक्ता होंगे पद्मश्री अशोक भगत, और अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. अलका सिंह करेंगी।
>बिरसा मुंडा की विरासत का समकालीन विश्लेषण
>सेमिनार की संयोजक प्रो. अंजना सिंह ने बताया कि इसका उद्देश्य बिरसा मुंडा की उस बहुआयामी विरासत का गहन विश्लेषण करना है जो उन्होंने आदिवासी अधिकारों, सामाजिक न्याय और पर्यावरण संरक्षण के लिए संघर्ष करते हुए रची। इस संगोष्ठी में उनके ऐतिहासिक योगदान, समकालीन प्रासंगिकता, और उनके विचारों को आज के परिप्रेक्ष्य में आगे बढ़ाने की रणनीतियों पर भी मंथन होगा।
>ज्ञान और विमर्श का मंच
>यह संगोष्ठी केवल एक अकादमिक आयोजन नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच है जहां से आदिवासी चेतना, पहचान, और सामाजिक प्रतिरोध जैसे ज्वलंत मुद्दों पर बहुआयामी चर्चा होगी। यह आयोजन इतिहासकारों, समाजशास्त्रियों, मानवशास्त्रियों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा।
>डॉ. संवेदना सिंह के अनुसार, संगोष्ठी में सात तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें अलग-अलग दृष्टिकोणों से बिरसा मुंडा के आंदोलन और उनके प्रभाव का विश्लेषण किया जाएगा।
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