Varanasi News: आज देशभर में पूर्ण चंद्र ग्रहण का अद्भुत नजारा नजर आएगा। विशेष रूप से काशी की पावन धरती पर इस दिन का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। वाराणसी में गंगा आरती का आयोजन प्रतिदिन शाम को होता है, लेकिन चंद्र ग्रहण के विशेष सूतक काल के चलते इस बार गंगा आरती दोपहर 12 बजे आयोजित की जा रही है।
वाराणसी के दशास्वमेध घाट पर विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती को विशेष व्यवस्था के तहत छत पर संपन्न किया जाएगा, क्योंकि गंगा का जलस्तर वर्तमान में उच्चतम स्तर पर पहुँच चुका है।
इसके अतिरिक्त, काशी विश्वनाथ मंदिर में चंद्र ग्रहण शुरू होने से दो घंटे पहले कपाट बंद कर दिए जाएंगे। संध्या आरती, श्रृंगार भोग आरती, शयन आरती आदि सभी पूजा कार्यक्रम अपने निर्धारित समय से पहले सम्पन्न किए जाएंगे।
चंद्र ग्रहण की अवधि काशी में रात्रि 9:57 से 1:27 तक रहेगी। इस दौरान धार्मिक स्थल सूतक के कारण बंद रहेंगे। विशेष तौर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, श्री काल भैरव मंदिर, महामृत्युंजय मंदिर, दुर्गा मंदिर, बड़ा गणेश मंदिर और संकठा माता मंदिर दोपहर 1 बजे तक बंद रहेंगे। ये मंदिर अगले दिन अपने नियमित समय पर भक्तों के लिए फिर से खुले जाएंगे।
वाराणसी की धार्मिक परंपरा में यह परिवर्तन धार्मिक अनुशासन के अनुरूप श्रद्धालुओं को सूचक संकेत देता है कि ग्रहण के समय धार्मिक कार्यों और अनुष्ठानों में सावधानी बरती जाती है।
चंद्र ग्रहण के इस पावन अवसर पर पूरा काशीवासी समुदाय ध्यान, प्रार्थना और संयम के साथ यह दिव्य घटना देखेगा। साथ ही, प्रशासन ने भी यात्रियों और श्रद्धालुओं के सुचारू दर्शन व्यवस्था हेतु अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
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