>लखनऊ, 6 अक्टूबर। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ खांसी की सिरप पीने से 14 बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने भी राज्य में इस सिरप की बिक्री और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। योगी सरकार ने यह फैसला बच्चों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से उठाया है।
>उत्तर प्रदेश के औषधि प्रशासन विभाग ने श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी द्वारा निर्मित इस सिरप पर रोक लगाते हुए सभी ड्रग इंसपेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि राज्य के सरकारी, निजी और मेडिकल संस्थानों से इस दवा के सैंपल तुरंत एकत्र कर लखनऊ की लैब में जांच के लिए भेजे जाएं।
साथ ही, विभाग ने इस सिरप के आयात-निर्यात और वितरण को अगले आदेश तक पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त ने कड़ाई से पालन के निर्देश देते हुए कहा कि यह कदम किसी बड़ी अनहोनी को रोकने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
>सरकार के आदेश के बाद खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने प्रदेशभर में औचक छापेमारी अभियान शुरू कर दिया है।
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अस्पतालों, मेडिकल स्टोर्स और निजी फार्मेसियों पर जांच
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लोहिया अस्पताल परिसर और बाहरी दुकानों से लिए गए सैंपल
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संदिग्ध दवाओं को सील कर लैब में भेजा गया
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>अधिकारियों ने बताया कि कोल्ड्रिफ सिरप के साथ अन्य समान उत्पादों की भी जांच की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
>छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) में 14 मासूमों की मौत के बाद देशभर में हड़कंप मच गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, बच्चों ने बुखार और खांसी की शिकायत के बाद कोल्ड्रिफ सिरप का सेवन किया था, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ती चली गई।
घटना के बाद भोपाल और जयपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के इस्तीफे की मांग की है।
>योगी सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को सिरप की रिकवरी, जांच रिपोर्ट की निगरानी और दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट आदेश दिया गया है कि किसी भी अस्पताल या दुकान में इस सिरप का स्टॉक नहीं रहना चाहिए।
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