साइबर अपराधियों तक बैंक खाते आखिर कैसे पहुंचते थे और ऑनलाइन ठगी की रकम किन रास्तों से एक जगह से दूसरी जगह भेजी जाती थी, इसका खुलासा दिल्ली पुलिस की जांच में हुआ है। पूर्वी दिल्ली की साइबर थाना पुलिस ने ऐसे नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करते थे।
मामले की शुरुआत OLX शॉपिंग के नाम पर हुई एक ऑनलाइन ठगी की शिकायत से हुई थी। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को ऐसे बैंक खातों का पता चला, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम प्राप्त करने और उसे आगे भेजने के लिए किया जा रहा था।
दिल्ली पुलिस की तकनीकी और वित्तीय जांच के दौरान पता चला कि ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों में भेजी गई थी। जांच में दो ऐसे खातों का पता चला, जिनके धारकों की पहचान मुजफ्फरनगर निवासी शिवम कुमार और दिल्ली के तिलक नगर निवासी राजेंद्र शर्मा के रूप में हुई। दोनों से पूछताछ के बाद मेरठ के जोहरा गांव निवासी अंकित चौधरी का नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार, वह कथित तौर पर ऐसे बैंक खातों की व्यवस्था कर उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाने का काम करता था।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आर्थिक रूप से कमजोर और बेरोजगार लोगों को नौकरी, आर्थिक लाभ या कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। बाद में इन खातों से जुड़ी बैंकिंग सुविधाओं और दस्तावेजों का नियंत्रण साइबर अपराधियों को सौंप दिया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को विभिन्न स्थानों पर भेजने और वास्तविक अपराधियों तक पहुंचने के सुराग छिपाने के लिए किया जाता था।
पुलिस ने इस मामले में मुजफ्फरनगर निवासी 26 वर्षीय शिवम कुमार, दिल्ली के तिलक नगर निवासी 28 वर्षीय राजेंद्र शर्मा और मेरठ निवासी 35 वर्षीय अंकित चौधरी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में पता चला है कि अंकित चौधरी ने कम से कम पांच बैंक खातों की व्यवस्था की थी, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधों से जुड़े मामलों में किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों से जुड़े खातों से ₹1,02,674 की राशि सुरक्षित कर पीड़ित को वापस दिलाई। इसके अलावा आरोपियों के कब्जे से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक खाते न खुलवाएं और न ही अपने एटीएम कार्ड, पासबुक, इंटरनेट बैंकिंग या अन्य बैंकिंग जानकारियां किसी के साथ साझा करें। पुलिस ने कहा है कि साइबर ठगी से जुड़ी किसी भी घटना की जानकारी तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दी जानी चाहिए।
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