दिल्ली पुलिस के 'ऑपरेशन विश्वास' के तहत दक्षिण-पश्चिम जिले की एंटी स्नेचिंग सेल ने वर्ष 2026 के शुरुआती आठ महीनों में गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी में कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, 1 जनवरी से 31 अगस्त 2026 के बीच कुल 1,920 मोबाइल फोन बरामद किए गए। बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कुल कीमत 2 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
पुलिस के मुताबिक, बरामद किए गए मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया के बाद उन्हें वापस सौंपे गए। इस कार्रवाई में तकनीकी निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग और मौके पर सत्यापन का इस्तेमाल किया गया।
दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस की एंटी स्नेचिंग सेल ने जुलाई और अगस्त 2026 के दौरान भी मोबाइल बरामदगी की कार्रवाई जारी रखी। पुलिस के अनुसार, इन दो महीनों में 702 मोबाइल फोन सफलतापूर्वक ट्रेस कर बरामद किए गए। इन बरामद मोबाइल फोन में से 534 फोन उनके मालिकों को वापस सौंप दिए गए। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को तकनीकी माध्यमों से तलाशना और सत्यापन के बाद उन्हें संबंधित नागरिकों तक पहुंचाना रहा। आठ महीने की अवधि में बरामद किए गए 1,920 मोबाइल फोन का आंकड़ा इस अभियान के तहत की गई कार्रवाई का मुख्य हिस्सा है। पुलिस के अनुसार, इन सभी फोनों की अनुमानित कीमत 2 करोड़ रुपये से अधिक है।

मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल ट्रैकिंग का सहारा लिया। इसके साथ ही मोबाइल फोन से संबंधित जानकारी को मौके पर सत्यापित किया गया। पुलिस के अनुसार, तकनीकी माध्यमों से संभावित लोकेशन की जानकारी मिलने के बाद टीम ने फील्ड वेरिफिकेशन किया। इस प्रक्रिया के जरिए मोबाइल फोन की पहचान और उसके वास्तविक मालिक से संबंधित विवरणों का सत्यापन किया गया। इस तरह तकनीकी निगरानी और जमीनी स्तर पर की गई कार्रवाई को मोबाइल फोन की बरामदगी की प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया।
यह रिकवरी अभियान एसीपी संदीप घई की देखरेख में चलाया गया। अभियान का नेतृत्व इंस्पेक्टर हरी सिंह ने किया। एंटी स्नेचिंग सेल की टीम में एएसआई होशियार सिंह, एएसआई वीरेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल संदीप, कृष्ण और कांस्टेबल बलबीर शामिल थे। टीम ने मोबाइल फोन की जानकारी का तकनीकी विश्लेषण करने के साथ-साथ संबंधित स्थानों पर जाकर फील्ड वेरिफिकेशन किया। पुलिस के अनुसार, इसी प्रक्रिया के जरिए अलग-अलग मामलों में गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की लोकेशन का पता लगाकर उन्हें बरामद किया गया।
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मोबाइल फोन बरामद होने के बाद उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी अभियान का हिस्सा रही। पुलिस के अनुसार, जनवरी से अगस्त के दौरान बरामद किए गए 1,920 मोबाइल फोन में से संबंधित मालिकों को फोन वापस किए गए। जुलाई और अगस्त में बरामद 702 मोबाइल में से 534 मोबाइल फोन उनके मालिकों को सौंपे जा चुके हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि अभियान में केवल मोबाइल फोन की बरामदगी ही नहीं, बल्कि उनकी पहचान और वास्तविक मालिकों तक वापसी की प्रक्रिया भी शामिल रही। बाइल फोन आज नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण निजी संपत्ति होने के साथ-साथ संपर्क और डिजिटल सेवाओं के इस्तेमाल का प्रमुख माध्यम हैं। ऐसे में फोन गुम या चोरी होने के बाद उसकी बरामदगी और वापसी संबंधित नागरिक के लिए सीधे तौर पर महत्वपूर्ण होती है।
दिल्ली पुलिस का 'ऑपरेशन विश्वास' नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निवारण और गुम हुई संपत्ति को उनके मालिकों तक वापस पहुंचाने से जुड़ा अभियान है। दक्षिण-पश्चिम जिले की पुलिस ने इसी अभियान के तहत गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश के लिए तकनीकी साधनों का इस्तेमाल किया। अभियान में मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस करने के बाद फील्ड स्तर पर सत्यापन किया गया और बरामद फोन को संबंधित मालिकों को सौंपा गया। इस अभियान का एक प्रमुख हिस्सा नागरिकों की गुम हुई संपत्ति को वापस दिलाना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026 में जनवरी से अगस्त तक दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस की एंटी स्नेचिंग सेल ने 1,920 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, जो मोबाइल फोन अभी तक ट्रेस नहीं हो पाए हैं और चोरी या गुम हुए अन्य मोबाइल फोन की तलाश की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस टीम तकनीकी विश्लेषण और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर मोबाइल फोन को ट्रेस करने की कार्रवाई कर रही है। बरामदगी के बाद फोन के वास्तविक मालिक की पहचान और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया के जरिए उन्हें वापस सौंपा जा रहा है।
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