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जयंत चौधरी को ‘चवन्नी’ कहने पर दिनेश शर्मा बोले- यह जाट समाज का अपमान है

दिनेश शर्मा ने कहा कि जयंत चौधरी चौधरी चरण सिंह की राजनीतिक विरासत से आते हैं और ‘चवन्नी’ वाली टिप्पणी उचित नहीं है।
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Bureau News Desk
23 Aug 2026
07:17 PM
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जयंत चौधरी को ‘चवन्नी’ कहने पर दिनेश शर्मा बोले- यह जाट समाज का अपमान है
हाइलाइट्स
पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने जयंत चौधरी को ‘चवन्नी’ कहने वाली टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि यह केवल जयंत चौधरी नहीं, बल्कि पूरे जाट समाज का अपमान है।
दिनेश शर्मा ने चौधरी चरण सिंह को सर्वमान्य किसान नेता बताया।
उन्होंने वंदे मातरम, परिवारवाद और अखिलेश यादव के बयानों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।

पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिनेश शर्मा ने सपा और कांग्रेस से जुड़े विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। कानपुर के गोविंदनगर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जयंत चौधरी को लेकर की गई ‘चवन्नी’ वाली टिप्पणी पर कहा कि यह केवल जयंत चौधरी का नहीं, बल्कि पूरे जाट समाज का अपमान है।

दिनेश शर्मा रविवार को पूर्व विधायक रघुनंदन सिंह भदौरिया के प्रतिष्ठान के उद्घाटन के लिए गोविंदनगर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने वंदे मातरम, परिवारवाद, अखिलेश यादव के बयानों, नेताओं की सुरक्षा और जयंत चौधरी से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

जयंत चौधरी को लेकर दिनेश शर्मा ने कहा कि समाजवादी पार्टी की ओर से उन्हें ‘चवन्नी’ कहे जाने से केवल जयंत चौधरी का ही नहीं, बल्कि पूरे जाट समाज का अपमान होता है। उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह केवल जाट नेता नहीं थे, बल्कि सर्वमान्य किसान नेता थे। दिनेश शर्मा के अनुसार, जयंत चौधरी ऐसी राजनीतिक विरासत से आते हैं, जिसमें देशभक्ति और राष्ट्रभक्ति की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे में जयंत चौधरी को लेकर ‘चवन्नी से रुपया बनाने’ जैसी टिप्पणी उचित नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया जब दिनेश शर्मा कानपुर में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे और पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।

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दिनेश शर्मा ने कांग्रेस की ओर से वंदे मातरम के दो छंद गाने के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले कांग्रेस का इतिहास गौरवशाली रहा, लेकिन आजादी के बाद पार्टी का स्वरूप बदल गया। उनके मुताबिक, कांग्रेस के इतिहास में वंदे मातरम के विरोध से जुड़ा अध्याय दर्ज है।

दिनेश शर्मा ने कहा कि जिन्ना और मुस्लिम लीग ने वंदे मातरम का विरोध किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अब कांग्रेस के नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भी इसका विरोध कर रहे हैं। यहां उन्होंने कांग्रेस के वर्तमान रुख को उसके ऐतिहासिक संदर्भ से जोड़ते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से भाजपा को लेकर दिए गए बयान पर भी दिनेश शर्मा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा का मतलब उनके लिए भारत जान से प्यारा है। दिनेश शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार पाकिस्तान के अंदर घुसकर जवाब देना जानती है।

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इस संदर्भ में उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये सभी भाजपा सरकार के दौरान हुए। दिनेश शर्मा ने यह आरोप भी लगाया कि सपा और कांग्रेस के कुछ बयानों का इस्तेमाल पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र में अपने पक्ष में करता है।

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव के परिवार में पांच सांसद होने के मुद्दे का भी जिक्र किया। उन्होंने सपा और कांग्रेस दोनों को परिवारवाद के मुद्दे पर घेरा। दिनेश शर्मा ने कहा कि दोनों दल परिवारवाद का उदाहरण हैं और परिवार से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। उनके अनुसार, इसी कारण दोनों दलों का तेजी से पतन हो रहा है। उन्होंने चुनाव के समय ही जनता के बीच सक्रिय होने वाले विपक्षी नेताओं पर भी टिप्पणी की। दिनेश शर्मा ने इसे ‘पालिटिकल टूरिज्म’ करार दिया।

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नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराने के फैसले को लेकर अखिलेश यादव की टिप्पणी पर भी दिनेश शर्मा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी नेता की सुरक्षा का आकलन खतरे के आधार पर होता है। इसमें जाति या राजनीतिक दल को आधार नहीं बनाया जाता। दिनेश शर्मा ने कहा कि मायावती, अखिलेश यादव या किसी अन्य नेता को उनके लिए किए गए खतरे के आकलन के अनुसार सुरक्षा दी जाती है। उन्होंने कहा कि बुलेटप्रूफ गाड़ी, कमांडो और सुरक्षा से जुड़े अन्य इंतजाम किए जा रहे हैं। ऐसे में केवल बुलेटप्रूफ जैकेट को लेकर सवाल उठाना उचित नहीं है।

जयंत चौधरी के मुद्दे पर दिनेश शर्मा की टिप्पणी का एक प्रमुख हिस्सा चौधरी चरण सिंह की राजनीतिक विरासत से जुड़ा रहा। दिनेश शर्मा ने चौधरी चरण सिंह को केवल जाट नेता मानने के बजाय सर्वमान्य किसान नेता बताया। उन्होंने जयंत चौधरी को इसी राजनीतिक विरासत से जोड़ते हुए कहा कि उनसे जुड़ी टिप्पणी को केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने देशभक्ति और राष्ट्रभक्ति की परंपरा का भी उल्लेख किया।

कानपुर में दिए गए दिनेश शर्मा के बयान में कई अलग-अलग राजनीतिक मुद्दे शामिल रहे। एक तरफ उन्होंने जयंत चौधरी को लेकर की गई ‘चवन्नी’ वाली टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के वंदे मातरम संबंधी फैसले पर अपनी बात रखी।

उन्होंने अखिलेश यादव के बयानों, सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए भाजपा सरकार के रुख का जिक्र किया। साथ ही सपा और कांग्रेस पर परिवारवाद को लेकर भी आरोप लगाए। नेताओं की सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने खतरे के आकलन को सुरक्षा व्यवस्था का आधार बताया और कहा कि इसमें जाति या राजनीतिक दल को नहीं देखा जाता।

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