UP News: आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) ने पशुधन प्रसार अधिकारी भर्ती घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। ईओडब्ल्यू ने रिटायर्ड आईएएस अफसर और तत्कालीन प्रमुख सचिव योगेश कुमार को इस मामले में गिरफ्तार किया है। ईओडब्ल्यू टीम ने योगेश कुमार को राजधानी लखनऊ के गोमती नगर इलाके से गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की जांच के दौरान रिटायर्ड अफसर योगेश कुमार की भूमिका संदिग्ध मिली है और इस मामले से जुड़े साक्ष्य भी सामने आए हैं।
मामला राज्य में पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार के समय साल 2014 का है। उस दौरान प्रदेश के 17 मंडलों में पशुधन प्रसार अधिकारियों के कुल 1198 पदों पर भर्ती प्रक्रिया संपन्न करायी गई थी। पशुधन प्रसार अधिकारियों की भर्ती के लिए 2014 में दो फरवरी को परीक्षा का आयोजन किया गया था। भर्ती प्रक्रिया के पूरा हो जाने के बाद इसमें अनियमितता के आरोप लगे।
भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायतों के सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू हुई। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित के गये नियमों की अनदेखी की गयी। ओएमआर शीट का मूल्यांकन केंद्रीकृत तरीके से कराया गया। इसके साथ ही जांच में मंडलीय चयन समितियों के अधिकार भी खत्म किए जाने की बात सामने आई।
साल 2014 में पशुधन प्रसार अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया के दौरान राजकिशोर सिंह प्रदेश के पशुधन मंत्री थे, जबकि 1980 बैच के आईएएस अधिकारी योगेश कुमार शासन में प्रमुख सचिव के पद पर कार्यरत थे। बाद में योगेश कुमार रिटायर हो गये। ईओडब्ल्यू के डीजी जेएन सिंह के मुताबिक विवेचना के दौरान पूर्व आईएएस योगेश कुमार की भूमिका से संबंधित साक्ष्य मिले हैं। जिसके बाद टीम ने उन्हें गिरफ्तार किया है। वहीं, तत्कालीन पशुधन मंत्री राजकिशोर सिंह के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति से जुड़ी फाइल शासन में लंबित है।
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