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रिकवरी एजेंट बनाम बाइक सवार: दोनों तरफ से मुकदमा, गाजियाबाद पुलिस ने 3 को पकड़ा

पुलिस ने अलहज के पास से तमंचा-कारतूस मिलने की बात कही; सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो रिकवरी एजेंट भी गिरफ्तार
Bureau
Bureau News Desk
17 Sep 2026
03:31 PM
1 min read
रिकवरी एजेंट बनाम बाइक सवार: दोनों तरफ से मुकदमा, गाजियाबाद पुलिस ने 3 को पकड़ा
हाइलाइट्स
लालकुआं में फाइनेंस की किस्त की जानकारी के लिए बाइक रोकने के बाद विवाद हुआ।
एक बाइक सवार पर रिकवरी एजेंटों को तमंचा दिखाकर धमकाने का आरोप लगा।
पुलिस ने अलहज के पास से .315 बोर का अवैध तमंचा और कारतूस बरामद करने की जानकारी दी।
अलहज के भाई ने रिकवरी एजेंटों पर उसे कार में ले जाने और एक लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया।

गाजियाबाद। थाना वेव सिटी क्षेत्र के लालकुआं में फाइनेंस की किस्त को लेकर बाइक सवार युवकों और रिकवरी एजेंटों के बीच शुरू हुआ विवाद दो अलग-अलग मुकदमों तक पहुंच गया है। एक पक्ष ने बाइक सवार युवक पर तमंचा दिखाकर रिकवरी एजेंटों को धमकाने का आरोप लगाया है, जबकि दूसरे पक्ष की शिकायत में रिकवरी एजेंटों पर युवक को कार में बैठाकर ले जाने और उसे छोड़ने के बदले परिजनों से एक लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया गया है।

पुलिस ने दोनों शिकायतों के आधार पर मुकदमे दर्ज किए हैं। मामले में अलहज पुत्र आदिल परवेज के साथ रिकवरी एजेंट के रूप में काम करने वाले दीपक यादव और प्रिंस यादव को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, फोन रिकॉर्डिंग और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, घटना 15 सितंबर को थाना वेव सिटी क्षेत्र के लालकुआं के पास हुई। यहां रिकवरी एजेंटों ने बरेली नंबर की एक बाइक को रोककर फाइनेंस की किस्तों के संबंध में जानकारी की थी। इसी दौरान बाइक सवार युवकों और रिकवरी एजेंटों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर बाइक पर सवार एक युवक ने अवैध हथियार निकालकर रिकवरी एजेंटों को धमकाया। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा होने के बाद बाइक सवार युवक वहां से निकलने लगे। इसी दौरान अलहज नाम के युवक को पकड़ लिया गया, जबकि उसके साथ मौजूद दूसरा युवक मौके से निकल गया।

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पुलिस का कहना है कि पकड़े गए अलहज के कब्जे से .315 बोर का अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए गए। इस संबंध में थाना वेव सिटी में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई। हालांकि, घटनाक्रम यहीं समाप्त नहीं हुआ। अलहज के भाई की ओर से पुलिस को दी गई एक दूसरी शिकायत के बाद मामले में रिकवरी एजेंटों की भूमिका को लेकर भी जांच शुरू हुई।

अलहज के भाई की ओर से दी गई शिकायत में रिकवरी एजेंटों पर गंभीर आरोप लगाए गए। शिकायत के मुताबिक, रिकवरी एजेंटों ने अलहज को अपनी कार में बैठा लिया था और उसे कई घंटे तक इधर-उधर घुमाते रहे। आरोप लगाया गया कि अलहज को छोड़ने के बदले उसके परिजनों से एक लाख रुपये की मांग की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रुपये नहीं देने की स्थिति में अलहज को तमंचे के साथ पुलिस के हवाले करने की धमकी भी दी गई। ये शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप हैं और मामले की पुलिस जांच जारी है।

शिकायतकर्ता की ओर से अपने आरोपों के समर्थन में पुलिस को फोन रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराई गई है। पुलिस अब रिकॉर्डिंग समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर शिकायत में किए गए दावों का सत्यापन कर रही है। अलहज के भाई की शिकायत के आधार पर रिकवरी एजेंटों के खिलाफ भी थाना वेव सिटी में मुकदमा दर्ज किया गया। इस तरह एक ही घटनाक्रम को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप सामने आए हैं। पहले मामले में बाइक सवार युवक पर अवैध हथियार दिखाकर धमकाने का आरोप है, जबकि दूसरे मुकदमे में रिकवरी एजेंटों पर युवक को कार में ले जाने और उसके परिजनों से रुपये मांगने का आरोप लगाया गया है।

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पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तथा अन्य जानकारी की जांच के आधार पर दीपक यादव और प्रिंस यादव को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में दोनों ने रिकवरी एजेंट के रूप में काम करने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान अलहज से जुड़े घटनाक्रम और उसके भाई से एक लाख रुपये मांगने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों से जुड़े सभी तथ्यों की विवेचना जारी है और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों का सत्यापन कर रही है।

पुलिस मामले में विशू नामक एक अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है। घटनाक्रम में उसकी भूमिका क्या थी और वह किस स्तर पर मामले से जुड़ा था, इसे लेकर पुलिस की जांच जारी है। इस प्रकरण में अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है। इनमें अलहज पुत्र आदिल परवेज, दीपक यादव और प्रिंस यादव शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक, अलहज के आपराधिक इतिहास के संबंध में जानकारी जुटाने पर पता चला है कि उसके खिलाफ बरेली जनपद के विभिन्न थानों में छह मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, दीपक यादव और प्रिंस यादव के खिलाफ थाना वेव सिटी में मौजूदा प्रकरण से संबंधित मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस दोनों पक्षों से जुड़े अन्य संभावित आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटा रही है। पूर्व में मुकदमे दर्ज होना मौजूदा मामले में किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं है और वर्तमान प्रकरण की जांच उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।

मामले में दो अलग-अलग शिकायतें होने के कारण पुलिस दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के साथ फोन रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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