>गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में गुरुवार को श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञानयज्ञ का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण 5000 वर्षों से करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों के जीवन को दिशा देने और मुक्ति का मार्ग दिखाने का माध्यम रहा है।
>सीएम योगी ने कहा कि यह कथा केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन की नश्वरता, अहंकार से मुक्ति और वास्तविक ज्ञान का अद्भुत स्रोत है। जब मनुष्य अपने निजी स्वार्थ में डूबकर विवेकहीन हो जाता है, तब भागवत कथा उसका मार्गदर्शन कर उत्थान की ओर अग्रसर करती है।
>मुख्यमंत्री ने युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि गोरक्षपीठ सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान का अद्वितीय संगम है। यहां प्रतिवर्ष कथा के माध्यम से विद्यार्थी, साधक और श्रद्धालु ज्ञान, भक्ति और कर्म की त्रिवेणी में गोता लगाकर जीवन के सत्य से परिचित होते हैं।
>योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरक्षपीठ का मूल उद्देश्य लोक कल्याण से राष्ट्र कल्याण की ओर मार्ग प्रशस्त करना है। भारत की अनादिकालीन परंपरा में अनेक साधनाएं और मार्ग हैं, परंतु लक्ष्य एक ही है—सनातन और भारत का कल्याण। उन्होंने स्पष्ट किया कि सनातन को क्षति पहुंचने पर मानवता पर संकट मंडराएगा, जबकि सनातन के कल्याण में ही सम्पूर्ण मानवता का उत्थान निहित है।
>कथा व्यास के रूप में व्यासपीठ पर विराजमान जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी राम दिनेशाचार्य जी महाराज ने श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराया। प्रतिदिन अपराह्न 3 से 6 बजे तक कथा का आयोजन होगा और 10 सितंबर को इसका समापन होगा।
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